CNG महंगा पड़ते ही सूरत में ऑटो चालकों की हड़ताल, 5 रुपये किराया बढ़ाने की मांग तेज
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी (CNG) के बढ़ते दाम की आंच से आम आदमी झुलसने लगा है। ऑटो यूनियनों ने भी किराए में बढ़तोरी की मांग शुरू कर दी है। हाल ही में CNG गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर अब परिवहन सेवाओं (Transportation service) पर भी दिखाई देने लगा है। बढ़ती लागत से परेशान सूरत के डिंडोली (Dindoli) और कड़ोदरा (Kadodara) क्षेत्र के ऑटो रिक्शा चालकों ने सोमवार को अचानक हड़ताल शुरू कर दी और किराया बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
महंगाई ने बढ़ाई परेशानी
सूरत में बड़ी संख्या में लोग रोजाना ऑटो रिक्शा से सफर करते हैं। डिंडोली इलाके में हड़ताल पर उतरे रिक्शा चालकों का कहना है कि CNG के बढ़े हुए दामों के कारण पुराने किराए पर रिक्शा चलाना अब संभव नहीं रह गया है। बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
ऑयल और स्पेयर पार्ट्स भी हुए महंगे
हड़ताल में शामिल रिक्शा चालक राकेश पांडेय ने बताया कि सिर्फ CNG ही नहीं, बल्कि वाहन से जुड़ी लगभग हर चीज महंगी हो गई है। जो इंजन ऑयल पहले 570 रुपये में मिलता था, वह अब 750 रुपये तक पहुंच गया है। इसके अलावा रिक्शा के स्पेयर पार्ट्स की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने आगे कहा कि रिक्शा में केवल तीन यात्रियों को बैठाने की अनुमति है और 30 रुपये के किराए में सफर कराने पर CNG का खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता है। इसी कारण न्यूनतम किराए में कम से कम 5 रुपये की बढ़ोतरी जरूरी हो गई है।
क्या है रिक्शा चालकों की मांग?
सूरत के एक रिक्शा चालक गुड्डू यादव ने भी हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी मांग सिर्फ किराए में 5 रुपये की बढ़ोतरी की है। उनका कहना है कि बढ़ती गैस कीमतों को देखते हुए यह मांग पूरी तरह जायज है और इसके अलावा कोई अन्य मांग नहीं है।
रिक्शाओं पर लगाए गए नए रेट कार्ड
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कई रिक्शा चालकों ने बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के अपनी रिक्शाओं पर नए किराया दरों वाले रेट कार्ड लगा दिए। इन कार्डों में अलग-अलग क्षेत्रों और दूरी के हिसाब से बढ़ा हुआ किराया दर्शाया गया है।
यात्रियों और चालकों के बीच बढ़ सकता है विवाद
रिक्शा चालक नए किराए के अनुसार ही सेवा देने पर अड़े हुए हैं, जबकि दूसरी ओर आम जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है और किराया वृद्धि स्वीकार करने के मूड में नहीं है। यदि प्रशासन जल्द कोई समाधान नहीं निकालता है, तो आने वाले दिनों में सूरत के औद्योगिक क्षेत्रों में यात्रियों और रिक्शा चालकों के बीच विवाद और तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।