सूरत: दक्षिण गुजरात में धर्मांतरण का काला धंधा बेनकाब: मांडवी में महिला शिक्षिका समेत 6 गिरफ्तार
दक्षिण गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में भोले-भाले और गरीब लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सूरत की मांडवी पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों में से 4 पेशे से शिक्षक हैं, जो समाज को सही राह दिखाने के बजाय धर्मांतरण के इस काले धंधे में शामिल थे।
शिक्षिका मीनाबेन चौधरी की गिरफ्तारी और साक्ष्यों को नष्ट करना
पुलिस जांच में पता चला है कि महिला शिक्षिका मीनाबेन चौधरी का नाम सामने आया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में पता चला है कि मीनाबेन आदिवासी लड़कियों को आर्थिक प्रलोभन देकर जबरन इस्लाम धर्म में परिवर्तित करवाती थीं। गिरफ्तारी का आभास होते ही शिक्षिका ने चतुराई से अपना मोबाइल फोन फॉर्मेट कर दिया ताकि पुलिस को कोई भी महत्वपूर्ण सबूत न मिल सके। पुलिस जांच में पता चला है कि मीनाबेन 'रामजी' के सीधे संपर्क में थीं, जिन्हें इस रैकेट का मुख्य सरगना माना जा रहा है।
कैसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश
एक युवती द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ। युवती ने आरोप लगाया कि इस गिरोह ने उसे बहला-फुसलाकर और दबाव डालकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने गहन जांच शुरू की।
चारों आरोपी शिक्षक निकले!
पुलिस ने इससे पहले राकेश वासावा नाम के एक शिक्षक को गिरफ्तार किया था। अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों के विवरण से पता चलता है कि आदिवासी क्षेत्रों में गरीबी का फायदा उठाने के लिए शिक्षकों का इस्तेमाल किया जा रहा था। वे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बना रहे थे और उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे थे।