गुजरात के इतने आप के कार्यकर्ताओं-नेताओं पर लगे भष्टाचार के आरोप, देखे लिस्ट
गुजरात की राजनीति में बीते पाँच वर्षों के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम रिश्वत, रंगदारी और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में सामने आए हैं। अलग-अलग जिलों में हुई पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाइयों में पार्टी के पार्षदों, पदाधिकारियों, युवा नेताओं और यहां तक कि एक विधायक तक की गिरफ्तारी हुई है। इन मामलों में कहीं ठेकेदारों से रिश्वत मांगने के आरोप हैं तो कहीं दुकानदारों से उगाही, फर्जी जांच एजेंसी बनाकर लूटपाट और भर्ती घोटालों से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं। हालांकि पार्टी की ओर से कई मामलों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया गया है, लेकिन इन गिरफ्तारियों ने राज्य की राजनीति में AAP की छवि और आंतरिक अनुशासन को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
गुजरात में पिछले पाँच वर्षों में गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को रिश्वत, रंगदारी (उगाही) और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया है। हालिया कानूनी कार्रवाइयों में सामने आए नाम इस प्रकार हैं:
श्रवण मूलाराम जोशी: AAP लिम्बायत-शाहपुरा के जनरल सेक्रेटरी श्रवण जोशी को दिसंबर 2025 में कथित रूप से रंगदारी नेटवर्क चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वे और उनके सहयोगी सरकारी सस्ती दर की दुकानों (फेयर प्राइस शॉप) की वीडियो रिकॉर्डिंग कर दुकानदारों को धमकाते थे और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर मासिक ‘हफ्ता’ वसूलते थे।
संपत चौधरी: दिसंबर 2025 में श्रवण जोशी के साथ उनके मुख्य सहयोगी के रूप में गिरफ्तार किए गए। आरोप है कि वे ₹3.5 लाख की रंगदारी मांग के हिस्से के तौर पर एक दुकानदार से ₹1 लाख लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए।
जितेन्द्र काछड़िया (कॉर्पोरेटर): सूरत (वार्ड-16) के AAP पार्षद, जिन्हें सितंबर 2024 में एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने एक पे-एंड-पार्किंग ठेकेदार से नगर निगम का अनुबंध रद्द न कराने के बदले ₹10 लाख की रिश्वत मांगी।
विपुल सुहागिया: AAP पार्षद (वार्ड-17), जिन्हें सितंबर 2024 के उसी रिश्वत मामले में कच्छादिया के साथ नामजद किया गया। ACB द्वारा पार्किंग ठेकेदार से ₹10 लाख की रिश्वत मांगने में कथित भूमिका के लिए उनकी तलाश की गई।
अब्दुल सत्तार: AAP कार्यकर्ता/जनरल सेक्रेटरी के रूप में पहचाने गए, जिन्हें दिसंबर 2024 में कच्छ जिले में “फर्जी ED रेड” का मास्टरमाइंड होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारी बनकर एक ज्वैलरी दुकान से लूटपाट के लिए फर्जी टीम बनाई।
अन्य उल्लेखनीय भ्रष्टाचार-संबंधी गिरफ्तारियाँ
युवराजसिंह जाडेजा (युवा नेता): AAP के प्रमुख नेता और युवा कार्यकर्ता, जिन्हें अप्रैल 2023 में ‘डमी कैंडिडेट’ भर्ती घोटाले में कुछ आरोपियों के नाम हटाने के बदले ₹1 करोड़ की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया, लेकिन उन्हें कई दिनों तक पुलिस हिरासत में रखा गया।
चैतार वसावा: देदीयापाड़ा से AAP विधायक, जिन्हें जुलाई 2025 में (और इससे पहले 2023 के अंत/2024 की शुरुआत में) गिरफ्तार किया गया। आरोपों में वन अधिकारियों से जुड़े मामलों में रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसे आरोप शामिल रहे। हालांकि, AAP नेतृत्व का दावा है कि ये गिरफ्तारियाँ मनरेगा से जुड़े भ्रष्टाचार को उजागर करने के उनके प्रयासों के प्रतिशोध में की गईं।