बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार से भड़के हिंदू संगठन, सूरत में विरोध-प्रदर्शन; फूंका यूनुस का पुतला
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ भारत में भी उबाल देखने को मिल रहा है. पश्चिम बंगाल के साथ ही गुजरात में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. ताजा मामला गुजरात के सूरत का है. सूरत के उधना दरवाजा चोक पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंगदल का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है. संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सूरत शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर उतरकर आक्रोश जताया और बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की.
बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के शासनकाल में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और मयमनसिंह में कपड़ा कारखाने के मजदूर दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या के विरोध में मंगलवार को देशभर में जनाक्रोश भड़क उठा। दिल्ली से लेकर कोलकाता, मुंबई, गुजरात, राजस्थान, बिहार भोपाल और हैदराबाद तक सड़कों पर जनता का गुस्सा देखा गया।
हिंदू संगठनों का आक्रामक विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने विरोध का प्रतीकात्मक और आक्रामक तरीका अपनाते हुए शहर के एक सार्वजनिक शौचालय के दरवाजे पर बांग्लादेश का झंडा लगाकर अपना संदेश दिया. VHP के कार्यकर्ताओं का कहना है कि बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है उनके घरों, मंदिरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हमले हो रहे हैं, लेकिन वहां की सरकार आंख मूंदे बैठी है.
गुजरात के सूरत में हिंदू संगठनों ने जलाया यूनुस का पुतला
इसी नाराजगी के बीच सूरत शहर के उधना दरवाजा पर बड़ी संख्या में जुटे हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले करने वाले जिहादियों और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला दहन किया. पुतला दहन के दौरान हिंदुओं पर अत्याचार बंद करो, बांग्लादेश सरकार मुर्दाबाद और हिंदुओं की रक्षा करो जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा.
हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से मांग करते हुए कहा कि बांग्लादेश सरकार पर कूटनीतिक दबाव बनाया जाए और वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराएं. हालांकि यह विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा. विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार नहीं रुके तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.
विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता हुए एकत्रित
विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग और बंगाल तथा अन्य राज्यों में स्थित मिशन के बाहर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। उन्होंने पिछले सप्ताह उग्र भीड़ द्वारा दीपू दास की बेरहमी से पीट-पीट कर हत्या किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। बताते चलें, एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले 25 वर्षीय दीपू दास को उन्मादी भीड़ ने सड़कों पर घसीटा और बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला।
फिर उसके बेजान शरीर को एक पेड़ से बांधकर आग लगा दी। एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में सैकड़ों प्रदर्शनकारी बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर जमा हुए, नारे लगाए और दीपू दास पर हुए अत्याचार की निंदा की। भगवा झंडे लहराते हुए और यूनुस शासन के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी राजनयिक परिसर की ओर बढ़े, बैरिकेड्स तोड़ दिए और दीपू दास के लिए न्याय की मांग की। कई प्रदर्शनकारियों ने बैनर और तख्तियां लहराईं और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस का पुतला भी जलाया।