सहकारी मंडली प्रमाणपत्र में रिश्वतखोरी, सूरत एसीबी ने तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा
एसीबी की कार्रवाई: सूरत शहर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला रजिस्ट्रार सहकारी मंडली कार्यालय से जुड़े तीन लोगों को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह ट्रैप 19 दिसंबर 2025 को अडाजण क्षेत्र में गुजरात गैस सर्कल के पास विजय डेयरी के सामने किया गया।
मामले में एक जागरूक नागरिक ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने सहकारी मंडली की पंजीकरण प्रक्रिया के लिए जिला रजिस्ट्रार कार्यालय में आवेदन किया था। पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने के एवज में ऑडिटर ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत आरोपी ने पहले 25 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बाद में ऑफिस सुपरिटेंडेंट से बातचीत के बाद सौदेबाजी कर रकम 20 हजार रुपये तय की गई।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के लिए तैयार नहीं था, इसलिए उसने एसीबी का रुख किया। एसीबी ने पूरे मामले की पुष्टि के बाद ट्रैप की योजना बनाई। ट्रैप के दौरान ऑफिस सुपरिटेंडेंट ने फोन पर आउटसोर्स कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वत की रकम लेने के लिए भेजा। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये स्वीकार किए, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। जांच में अन्य दोनों आरोपियों की मिलीभगत भी सामने आई।
एसीबी ने रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है और तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई का नेतृत्व सूरत शहर एसीबी के पुलिस निरीक्षक के.जे. धडुक ने किया, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पूरी कार्रवाई संपन्न हुई। एसीबी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी कामों में रिश्वतखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।