सूरत में DGVCL के सीनियर क्लर्क को किसान से रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथ पकड़ा

सूरत में DGVCL के सीनियर क्लर्क को किसान से रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथ पकड़ा
JHB TEAM JHBNEWS टीम,सूरत 2025-12-04 14:34:06

सूरत में पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन के दावों की फिर एक बार पोल खुली है। ACB ने शहर की बाहरी सीमा पर स्थित DGVCL सबडिवीजन में काम कर रहे एक सीनियर क्लर्क को 70 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि इस क्लर्क का वेतन ₹85,000 था, फिर भी उसने किसान से बिजली कनेक्शन दिलाने के लिए रिश्वत की मांग की।

किसानों को एक साधारण बिजली कनेक्शन के लिए लगभग एक लाख रुपए तक की रिश्वत देनी पड़े, यह बात प्रशासन की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। ऐसे में किसान अगर तंत्र के खिलाफ सड़क पर उतरें तो गलत क्या है?


जानकारी के अनुसार, DGVCL का यह कर्मचारी पिछले 23 वर्षों से सेवा में था और उसे ₹85,000 का मासिक वेतन मिलता था। इस क्लर्क ने किसान से रिश्वत लेने के लिए एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर को भेजा था। ACB ने पहले से जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

कामरेज के एक किसान ने अपनी जमीन के लिए वाणिज्यिक बिजली कनेक्शन हेतु आवेदन किया था। बिजली मीटर लगाए जाने के बाद सीनियर क्लर्क ने उससे रिश्वत मांगना शुरू कर दिया। शुरुआत में उसने ₹1.20 लाख की मांग की, लेकिन बातचीत के बाद यह राशि ₹70,000 तय हुई। इसी बीच किसान ने सूरत ACB में शिकायत दर्ज कराई।

क्लर्क के निर्देश पर लेबर कॉन्ट्रैक्टर किसान से रिश्वत लेने के लिए कामरेज टोल नाका के पास स्वागत नर्सरी में पहुंचा। कॉन्ट्रैक्टर भरत सावल्या, जो क्लर्क का परिचित था, जैसे ही रिश्वत ले रहा था, ACB की टीम ने उसे पकड़ लिया। दूसरी टीम सीनियर क्लर्क की निगरानी कर रही थी।

जैसे ही कॉन्ट्रैक्टर ने फोन पर क्लर्क को रिश्वत मिलने की जानकारी दी, ACB की टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लर्क को भी गिरफ्तार कर लिया। पूरी रकम और बातचीत के सबूत मिलने के बाद क्लर्क रंगे हाथों पकड़ा गया।


ACB का मानना है कि यदि 2025 में इस क्लर्क द्वारा जारी किए गए बिजली मीटरों की जांच की जाए, तो और भी घोटाले सामने आ सकते हैं। साथ ही, इस रिश्वत मामले में अन्य कर्मचारियों की संलिप्तता होने की भी आशंका जताई जा रही है।