गोड़ादरा डबल मर्डर: शराब माफिया शिवा ने बेरहमी से पीट-पीटकर दो युवकों की हत्या, एक गंभीर
शिवा टकला गैंग ने तीन दोस्तों को बनाया बंधक, निर्मम अत्याचार के बाद दो की लाशें अलग-अलग जगह मिलीं
सूरत शहर में दो दोस्तों की एक साथ की गई बेरहमी से हत्या ने पूरे शहर को हिला दिया है। गोड़ादरा और नंदुरबार में मिले दोनों युवकों के शवों ने बूटलेगर शिवा टकला की क्रूरता और उसके गैंग की दरिंदगी को उजागर कर दिया है। यह पूरा मामला रुपयों की लेन-देन और अवैध शराब की पेटियों की कथित चोरी के शक पर आधारित है। घटना 1 दिसंबर की देर रात शुरू हुई और अगले दिन दो अलग-अलग स्थानों पर दोनों दोस्तों के शव मिलने से मामला डबल मर्डर में बदल गया।
उधना के महाकाली नगर में रहने वाले फिरोज चांद शेख का 23 वर्षीय बेटा सोएब उबर के लिए बाइक टैक्सी चलाता था। 1 दिसंबर दोपहर वह खाना खाकर घर से काम पर निकला था। रात तक वह घर नहीं लौटा और उसकी मां शकीला द्वारा किए गए कॉल भी रिसीव नहीं हुए। देर रात नाज़िम के फोन से कॉल आया, जिसमें सोएब ने बताया कि शराब की पेटियों के विवाद में एक लाख रुपये की मांग की जा रही है। उसने 20,000 रुपये मंगवाने की गुहार लगाई ताकि उसे और नाज़िम को पीटा न जाए। इसके बाद दोनों के फोन बंद हो गए और परिवार की बेचैनी बढ़ती गई।
अगले दिन दोपहर तक सोएब का कोई पता नहीं चला तो उसके माता-पिता नाज़िम के लिंबायत स्थित घर पहुंचे, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। रात में लिंबायत पुलिस स्टेशन से कॉल आया कि नाज़िम की बहन ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत की है। जब सोएब के परिवार को थाने बुलाया गया, उसी दौरान सूचना मिली कि गोडादरा इलाके में एक युवक की लाश मिली है। जब परिवार मौके पर पहुंचा, तो वह शव सोएब का ही निकला। उसके पूरे शरीर पर निर्मम पिटाई के निशान थे।
एक साथी के शव मिलने के बाद पुलिस ने दूसरे युवक नाज़िम की तलाश तेज की। जल्द ही महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के तळोदा के पास उसका शव भी मिला। इस तरह दो दोस्तों की हत्या का मामला सामने आया, जिसने सूरत के लोगों को झकझोर दिया। तीसरा साथी ईर्शाद इस हमले में गंभीर रूप से घायल मिला और उसे तळोदा के सरकारी अस्पताल के पास छोड़ा गया था।
सूत्रों के अनुसार इस डबल मर्डर का मुख्य आरोपी कुख्यात बूटलेगर शिवाराम लल्लन यादव उर्फ़ शिवा टकला है। वह प्रियांका इलाके में अवैध शराब का स्टॉक रखता था और वहां से लगातार शराब की पेटियां चोरी होने की उसे आशंका थी। इसी शक में उसने सोएब, नाज़िम और ईर्शाद को पकड़ा और अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें बेरहमी से पीटा। सबसे ज्यादा यातना सोएब को दी गई, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसका शव गोडादरा के राजहंस फैब्रिज़ो मार्केट के पीछे फेंक दिया गया।
इसके बाद नाज़िम और ईर्शाद को कार में डालकर शिवा और उसके साथी महाराष्ट्र ले गए। रास्ते में नाज़िम ने दम तोड़ दिया, इसलिए उसका शव तळोदा के पास फेंक दिया गया। ईर्शाद को अस्पताल के पास उतारकर आरोपी फरार हो गए।
इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में शिवा टकला के दो साथियों, जालम उर्फ़ जगदीश कलाल और आसिफ शेख को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी शिवा और उसके अन्य साथी अभी भी फरार बताए जाते हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। यह पूरा मामला न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि अवैध शराब कारोबार किस तरह अपराध की जड़ बन चुका है।