Surat: SVNIT में छात्र की मौत से मचा कोहराम, प्रशासन की लापरवाही पर छात्रों का फूटा गुस्सा

Surat: SVNIT में छात्र की मौत से मचा कोहराम, प्रशासन की लापरवाही पर छात्रों का फूटा गुस्सा
Shubham Pandey JHBNEWS टीम,सूरत 2025-12-01 21:38:22

सूरत के प्रतिष्ठित SVNIT (सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में 30 नवंबर की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने पूरे परिसर को हिलाकर रख दिया। कंप्यूटर साइंस के तृतीय वर्ष के छात्र और केरल निवासी अद्वैत नायर ने छात्रावास की चौथी मंज़िल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे कैंपस में शोक, आक्रोश और गहरी नाराज़गी देखने को मिली। छात्रों ने प्रशासनिक भवन के बाहर देर रात तक प्रदर्शन किया और संस्थान प्रशासन को इस मौत के लिए सीधे तौर पर दोषी ठहराया।

छात्रों का आरोप है कि घटना के लगभग 30 मिनट बाद तक भी एम्बुलेंस घायल छात्र तक नहीं पहुँची, जबकि कैंटीन के पास ही संस्थान की एक एम्बुलेंस उपलब्ध थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि छात्र प्रशासन को तुरंत सूचना दे चुके थे, फिर भी किसी ने भी इस घटना को कोई भी संज्ञान नहीं लिया गया, इस देरी को छात्र घोर लापरवाही बताते हुए सवाल उठा रहे हैं कि एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम इतना कमजोर क्यों है?


अद्वैत नायर के रूम मित्र ने बताया कि पिछले 4 से 5 महीनों से कक्षाओं और परीक्षाओं में अनुपस्थित थे, लेकिन प्रशासन ने उनकी मानसिक और शैक्षणिक स्थिति को लेकर कोई जांच-पड़ताल नहीं की। छात्रों का कहना है कि यदि समय रहते उनके हालात पर ध्यान दिया जाता, तो शायद यह त्रासदी टल सकती थी।

यह घटना रात 10:30 बजे से 11:00 बजे के बीच भाभा भवन बॉयज हॉस्टल के एच-ब्लॉक, रूम नंबर B-222 में हुई, जहाँ अद्वैत रहता था। छात्रों के अनुसार, उसने चौथी मंज़िल से छलांग लगाई। गंभीर रूप से घायल अवस्था में जब उसे निजी अस्पताल ले जाया जा रहा था, तब वह कथित तौर पर कई बार बोल रहा था— “मुझे मरने दो…”— जिससे साफ होता है कि वह मानसिक रूप से अत्यंत परेशान था।


इसके बावजूद, जब छात्र उसे सूरत के पीपलोद स्थित सन ग्लोबल अस्पताल लेकर पहुँचे, तो वहाँ भी लापरवाही का आरोप सामने आया। छात्रों ने दावा किया कि अस्पताल में तत्काल इलाज शुरू करने के बजाय फॉर्म भरने और फीस जमा करवाने पर जोर दिया गया। यह व्यवहार छात्रों के गुस्से को और भड़का गया।

अद्वैत के माता-पिता, जो ओमान में रहते हैं, घटना की सूचना मिलते ही सूरत पहुँच गए। बेटे की मौत ने पूरे परिवार को गहरे आघात में डाल दिया है। छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि प्रशासन, हॉस्टल प्रबंधन और इमरजेंसी सेवाओं में जिम्मेदार सभी लोगों पर कार्रवाई की जाए।

यह घटना SVNIT की छात्र सुरक्षा प्रणाली, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, और आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि निगरानी की कमी, उदासीनता और व्यवस्थागत विफलता का नतीजा है—जिसकी कीमत एक होनहार छात्र ने अपनी जान देकर चुकाई।


SVNIT में भोजन में भी कई बार बाल, कीड़ा, कंकड़, कॉकरोच और हॉस्टल में सही से सुविधा न मिलने पर अपने डिन को शिकायत की है लेकिन कोई भी कड़ा एक्शन नहीं लिया गया और कहा गया कि यही मिलेगा खाना है तो खाओ नहीं तो अपनी व्यवस्था कर लो।