कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी का गौरव अब अहमदाबाद के नाम

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी का गौरव अब अहमदाबाद के नाम
Shubham Pandey JHBNEWS टीम,सूरत 2025-11-26 19:39:39

गुजरात के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक रहा। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी अहमदाबाद को देने का फैसला आधिकारिक रूप से हो चुका है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में हुई बैठक में अहमदाबाद के नाम पर मोहर लगा दी गई। इस गर्व भरी घड़ी के साक्षी बनने भारत की ओर से उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ग्लासगो पहुंचा था। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स वह संस्था है जो किसी देश को खेलों की मेजबानी देने का फैसला करती है। किसी भी देश के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन केवल खेलों की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी समृद्धि, दृष्टि और बुनियादी ढांचे को दर्शाने का भी प्रतीक माना जाता है.

हर्ष सांघवी का वक्तव्य – “अहमदाबाद दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार”


इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने कहा, “यह गुजरात और भारत के लिए गर्व का क्षण है। कॉमनवेल्थ गेम्स के 100 वर्ष पूरे होने पर इनका आयोजन करना हमारे लिए सम्मान की बात है। अहमदाबाद दुनिया का स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। ये खेल न सिर्फ हमारी सुविधाओं और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि हमारी एकता और उत्कृष्टता का भी प्रमाण बनेंगे।”

अब तक ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इंग्लैंड, भारत, न्यूज़ीलैंड सहित कुल नौ देशों ने कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की है। इनमें ऑस्ट्रेलिया पाँच बार आयोजन कर चुका है.

भारत में पहली बार दिल्ली के बाहर इतने बड़े मल्टीस्पोर्ट्स गेम्स

भारत ने अब तक 1951 और 1982 के एशियन गेम्स तथा 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स सहित तीन मल्टीस्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं की मेजबानी की है, और ये तीनों ही नई दिल्ली में आयोजित की गई थीं। अब 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी अहमदाबाद को मिलने के बाद पहली बार ऐसा होगा कि किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की बड़ी मल्टीस्पोर्ट्स प्रतियोगिता का आयोजन दिल्ली से बाहर होगा।

दिलचस्प बात यह भी है कि वर्ष 2030 में जब अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित करेगा, तब कॉमनवेल्थ गेम्स की स्थापना के 100 वर्ष भी पूरे हो रहे होंगे।

ओलिंपिक की तैयारी का अहम पड़ाव – कॉमनवेल्थ गेम्स

पिछले कुछ वर्षों से अहमदाबाद में ओलिंपिक आयोजित करने की दिशा में भी तैयारी चल रही थी। कॉमनवेल्थ गेम्स को इस बड़े लक्ष्य से पहले एक टेस्ट इवेंट की तरह देखा जा रहा था। प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय खेल मंत्रालय और गुजरात सरकार इस दिशा में काफी समय से प्रयासरत थे, जिसका अब परिणाम मिल गया है।


लंदन में हर्ष सांघवी की अगुवाई में हुआ तीन बार प्रेजेंटेशन

अहमदाबाद को 2030 गेम्स की मेजबानी दिलाने के लिए कई दौर की बैठकों और यात्राओं का क्रम चलता रहा। कॉमनवेल्थ की टीम दो बार गुजरात आई और उन्होंने यहाँ की तैयारियों व सुविधाओं की समीक्षा की। इसके अलावा लंदन में भी तीन बार अहमदाबाद की ओर से प्रेजेंटेशन दिए गए।

23 सितंबर 2025 को लंदन में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में अहमदाबाद और नाइजीरिया के अबुजा के बीच मेजबानी को लेकर चर्चा हुई। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया पहले ही दौड़ से बाहर हो चुके थे।

लंदन में पूछे गए सवाल—“अहमदाबाद को मेजबानी क्यों मिलनी चाहिए?”—का जवाब भारतीय प्रतिनिधिमंडल की ओर से हर्ष सांघवी ने दिया।

उन्होंने कहा—“हम ऐसा आयोजन करना चाहते हैं जो सिर्फ एक तात्कालिक समारोह न होकर, आने वाले वर्षों तक सकारात्मक प्रभाव छोड़े। अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम, नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम, नारणपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएँ पहले से मौजूद हैं और सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है।”

इस तरह मिली मेजबानी – अहमदाबाद को बनाया ‘कंपैक्ट और मॉडर्न गेम्स फूटप्रिंट’

कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन को सौंपी गई बिड में अहमदाबाद को एक कॉम्पैक्ट, आधुनिक और खिलाड़ी–अनुकूल शहर के रूप में प्रस्तुत किया गया। खेलाडियों, अधिकारियों और दर्शकों के लिए आसान, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक व्यवस्था अहमदाबाद की सबसे बड़ी ताकत बताई गई।

इन सभी पैरामीटर्स पर अहमदाबाद खरा उतरा।

7 जून 2025 को भारत की एक उच्चस्तरीय टीम लंदन में कॉमनवेल्थ गेम्स अधिकारियों से मिली और अहमदाबाद की तैयारियों का विस्तृत विवरण दिया। बाद में भारत सरकार ने आधिकारिक बिड तैयार की, जिसे प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी।

इस तरह केंद्रीय स्तर पर भी अहमदाबाद की मेजबानी को हरी झंडी मिल गई।

29 अगस्त की महत्वपूर्ण बैठक – औपचारिक प्रस्ताव पेश

लंदन में जून की बैठक और कैबिनेट की मंजूरी के बाद अगली महत्वपूर्ण बैठक 29 अगस्त को हुई, जिस दिन भारत मेजर ध्यानचंद की स्मृति में ‘नेशनल स्पोर्ट्स डे’ मनाता है।

इस दिन उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी, IOA की अध्यक्ष पी.टी. उषा, गुजरात के वरिष्ठ अधिकारी अश्विनी कुमार और अन्य प्रतिनिधियों ने लंदन में कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के सामने अहमदाबाद का औपचारिक प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

इस प्रस्ताव में अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स की ‘सेंटेनरी एडिशन’ यानी 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर मेजबान शहर बनने की दावेदारी पेश की गई।

नाइजीरिया के अबुजा की भी दावेदारी थी, लेकिन कई दौर की चर्चा और मूल्यांकन के बाद अंततः अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए चुना गया।