सूरत: पानी की टंकी गिरने का मामला, कॉन्ट्रैक्टर के बनाए 13 और टैंक शक के दायरे में, SIT करेगी जांच

सूरत: पानी की टंकी गिरने का मामला, कॉन्ट्रैक्टर के बनाए 13 और टैंक शक के दायरे में, SIT करेगी जांच
Khushbu Rajput JHBNEWS टीम,सूरत 2026-02-02 16:55:53

गुजरात: सूरत जिले के मांडवी तालुका के ताड़केश्वर गांव में नई बनी पानी की टंकी गिरने की जांच तेज हो गई है। गुजरात सरकार की इमेज खराब करने वाली इस घटना में न सिर्फ टेक्निकल खराबी बल्कि बड़े पैमाने पर फाइनेंशियल गड़बड़ियां भी सामने आई हैं, और जांच की दिशा बदल गई है। इस घोटाले की जड़ तक पहुंचने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अब एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की मदद ले रही है।

घोटाला सिर्फ कंस्ट्रक्शन तक सीमित नहीं, फाइनेंशियल फ्रॉड का भी शक 

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस SIT जांच में पता चला है कि यह पूरा घोटाला सिर्फ कमजोर मटीरियल तक सीमित नहीं है। शक है कि आरोपियों ने फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन में भी छेड़छाड़ की है। नियुक्त CA टेंडर प्रोसेस, कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े सभी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और बैंक डिटेल्स की डिटेल्ड जांच करेगा। सरकारी ग्रांट से असल में मटीरियल पर कितना पैसा खर्च हुआ और कितना पैसा गबन हुआ, इसकी डिटेल्स सामने आएंगी। अब इस मामले लेकर ठेकेदार द्वारा बनाए गए 13 और टैंक शक के दायरे में आ गए है।

आपको बता दें कि जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि इसी विवादित ठेकेदार ने साउथ जोन इलाके में 13 और पानी के टंकी बनाए हैं। ताड़केश्वर टंकी टूटने के बाद अब इन 13 टंकियों की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। विजिलेंस टीमें इन सभी टंकियों के बनाने में इस्तेमाल हुए मटीरियल के सैंपल लेकर टेक्निकल टेस्टिंग कर सकती हैं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के जान माल के नुकसान से बचा जा सके।

गौरतलब है कि टंकी घोटाले में पुलिस के साथ साथ विजिलेंस टीम भी एक्टिव हो गई है। आरोपियों ने किन अधिकारियों के साथ मिलकर इतना बड़ा भ्रष्टाचार किया है, यह पता लगाने के लिए भी कड़ी पूछताछ की जा रही है।

पांच गिरफ्तार, तीन अधिकारी सस्पेंड

आपको बता दें कि अभी तक इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में मुख्य ठेकेदार जयंती पटेल और अंबालाल पटेल के साथ-साथ सुपरवाइजर जैस्मीन पटेल भी शामिल हैं। इसके अलावा, स्टाफ सुपरवाइजर और एक अन्य व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपी रिश्तेदार थे और जांच में पता चला कि उन्होंने मिलकर इस प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की थी। इसके साथ ही GWSSB के तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है, जिनमें सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर अंकित गरासिया, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर रजनीकांत चौधरी और डिप्टी इंजीनियर जय चौधरी शामिल हैं।