मणिपुर में 12 फरवरी को खत्म हो रहा है राष्ट्रपति शासन, नई सरकार की तैयारी

मणिपुर में 12 फरवरी को खत्म हो रहा है राष्ट्रपति शासन, नई सरकार की तैयारी
Khushbu Rajput JHBNEWS टीम,सूरत 2026-02-02 16:23:58

President rule : पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में लंबे समय से चल रहा राजनीतिक खालीपन अब खत्म होने वाला है। मई 2023 में हुई सांप्रदायिक हिंसा और उसके बाद राष्ट्रपति शासन लगने के बाद, एक बार फिर लोकतांत्रिक सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है। BJP और उसके सहयोगी दलों के 20 से ज़्यादा MLA सोमवार को दिल्ली पहुंचे, जहां केंद्रीय नेतृत्व के साथ एक अहम बैठक होनी है।

12 फरवरी को खत्म होगा राष्ट्रपति शासन 

आपको बता दें कि मणिपुर में अभी राष्ट्रपति शासन है, जो 12 फरवरी, 2026 को खत्म होने जा रहा है। नियमों के मुताबिक, या तो इसे बढ़ाना होगा या यह कार्यकाल खत्म होने से पहले नई सरकार बनानी होगी। केंद्र सरकार और BJP हाईकमान अब राज्य में फिर से 'जनता की सरकार' बनाने की तरफ बढ़ते दिख रहे हैं।

पिछले साल 13 फरवरी को उस समय के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था और विधानसभा को सस्पेंड कर दिया गया था।

NDA MLA दिल्ली में हुए जमा

सोमवार सुबह से ही मणिपुर की राजनीति में गरमाहट देखने को मिल रही है। BJP की प्रदेश अध्यक्ष शारदा देवी और पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह समेत कई MLA दिल्ली पहुंच हुए है।

इंफाल एयरपोर्ट पर रिपोर्टरों से बात करते हुए शारदा देवी ने कहा कि"NDA के सभी MLA को दिल्ली बुलाया गया है। हमें भरोसा है कि राज्य में जल्द ही एक स्थिर और लोगों की सरकार बनेगी।"

पूर्व मुख्यमंत्री ने पॉजिटिव नतीजे की उम्मीद जताते हुए कहा कि सरकार एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है और उन्होंने हमेशा पहाड़ी और घाटी वाले इलाकों में शांति स्थापित करने की कोशिश की है।

कौन बनेगा मुख्यमंत्री?

जब उनसे पूछा गया कि अगर वह सत्ता में होते तो क्या हालात अलग होते, तो सिंह ने कहा, "सरकार एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है। मैंने मणिपुर में हालात बदलने की पूरी कोशिश की है। पहाड़ी और घाटी दोनों में बड़े बदलाव हुए हैं।" लामसांग सीट से MLA एस. राजन सिंह ने कहा, "सरकार बनने की उम्मीद है। हालांकि, नेता का चुनाव सेंट्रल लीडरशिप राज्य में हालात देखने के बाद करेगी। मीटिंग आज शाम को होने की उम्मीद है।"

MLA एच. डिंगो ने कहा कि मीटिंग सोमवार शाम को यानी आज होनी है, लेकिन मीटिंग का एजेंडा अभी तक अनाउंस नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, "हमें आज ही दिल्ली पहुंचने के लिए कहा गया है।" खुरई सीट से MLA एल. सुसिंड्रो ने कहा कि उन्हें दिल्ली में मीटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के स्टेट प्रेसिडेंट लोरहो एस. फाजे ने कहा, "मैं भी दिल्ली जा रहा हूं। सरकार बनने के बारे में कुछ भी पक्का नहीं है। हमें सिर्फ एक मीटिंग के लिए बुलाया गया है।" NPP नागा MLA जे पामेई ने कहा, "अच्छे की उम्मीद करते हैं। हां, हमें बुलाया गया है; हम सभी NDA के साथी हैं।" देखते हैं क्या होता है।"

मई 2023 से मणिपुर में मेइतेई और कुकी समुदाय के बीच हुई सांप्रदायिक हिंसा में 260 से ज़्यादा लोग मारे गए थे इसके साथ ही हज़ारों लोग बेघर हुए थे। पिछले साल 13 फरवरी को एन. बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद केंद्र ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था। 

सरकार का गणित: किसके पास कितनी सीटें हैं?

मणिपुर की 60 सदस्यों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 31 सीटों की ज़रूरत होती है। अभी तक, BJP और उसके सहयोगियों के पास साफ़ बहुमत है:

मणिपुर हिंसा और चुनौतियाँ

मई 2023 में मेइतेई और कुकी कम्युनिटी के बीच हुई हिंसा में 260 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और हज़ारों लोग बेघर हुए हैं। नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों कम्युनिटी के बीच भरोसा फिर से बनाना और राज्य में पक्की शांति लाना होगा।