देश की GDP 6.8 से 7.2 परसेंट रहने की उम्मीद, देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश
बजट 2026: यूनियन फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानि इकोनॉमिक सर्वे 2026 पेश किया। सरकार का दावा है कि ग्लोबल अनिश्चितता के बीच भी भारत की इकोनॉमी मजबूत स्थिति में है।
निर्मला सीतारमण बनाएंगी नया रिकॉर्ड
निर्मला सीतारमण लगातार नौ बजट पेश करने वाली भारत की पहली फाइनेंस मिनिस्टर बन जाएंगी। वह 1 फरवरी को मोदी सरकार का 15वां बजट पेश करेंगी। पार्लियामेंट में बजट सेशन कुल 65 दिनों तक चलेगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ यह सेशन दो फेज में होगा। यह सेशन 13 फरवरी को खत्म होने के बाद 9 मार्च को फिर से शुरू होगा।
केंद्र सरकार के इकोनॉमिक सर्वे में 2026-27 में GDP ग्रोथ रेट 6.8 परसेंट से 7.2 परसेंट रहने का अनुमान लगाया गया है। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और अस्थिरता के बावजूद भारतीय इकोनॉमी की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। सर्वे के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (FY26) में विकास दर 7.4% रहने की उम्मीद है, जो आरबीआई के 7.3% के अनुमान से भी ज्यादा है।
इस तेज़ी के पीछे सबसे बड़ा कारण देश में गुड्स और सर्विसेज़ की मज़बूत डिमांड को माना जा रहा है। पहली बार, इस साल के इकोनॉमिक सर्वे में AI के लिए एक अलग चैप्टर रखा गया है।
इकोनॉमिक सर्वे के मुख्य मुद्दे
इस साल के इकोनॉमिक सर्वे में कुल 16 चैप्टर रखे गए हैं
इस बार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए एक अलग चैप्टर दिया गया है
इकोनॉमिक सर्वे में सोने और चांदी का भी खास ध्यान रखा गया है
क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे ?
आपको बता दे की ये देश की अर्थव्यवस्था का सालाना रिपोर्ट कार्ड होता है। इसमें पिछले 1 साल में देश की आर्थिक स्थिति का पूरा हिसाब-किताब होता है। इससे पता चलता है कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था की हालत कैसी है कैसी नहीं। इकोनॉमिक सर्वे में बीते साल का हिसाब-किताब और आने वाले साल के लिए सुझाव, चुनौतियां और समाधान का जिक्र रहता है। इसके साथ ही इकोनॉमिक सर्वे को आमतौर पर बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता है।