बारामती प्लेन क्रैश में अजित पवार के साथ मरने वाले बाकी चार लोग कौन हैं?
महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार समेत प्लेन में सवार सभी पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। प्लेन लैंडिंग के समय बारामती में क्रैश हो गया। प्लेन ने सुबह 8:10 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी और बारामती जा रहा था। उस समय लैंडिंग के समय बारामती एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी कम थी। इस प्लेन क्रैश में अजित पवार के साथ उनके PSO विदीप जाधव, पायलट कैप्टन सुमित कपूर, कैप्टन शांभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की भी मौत हो गई। अजित पवार की बॉडी की पहचान उनके कपड़ों और घड़ी से हुई।
न्यूज़ एजेंसी ANI की दी गई जानकारी के मुताबिक, क्रैश लैंडिंग की जांच के लिए एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की एक टीम दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो गई है।
चश्मदीदों ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए एक महिला ने बताया कि उसने बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट पर एक प्लेन को चक्कर लगाते देखा। "हवा में चक्कर लगाने के बाद प्लेन थोड़ा अनस्टेबल लग रहा था। जैसे ही वह लैंडिंग के लिए रनवे के पास पहुंचा, वह ज़ोर से ज़मीन से टकराया और एक ज़ोरदार धमाका हुआ। इस धमाके की आवाज़ हमारे घर तक सुनाई दी। धमाके के बाद प्लेन का मलबा हवा में उड़ गया। महिला ने आगे बताया की मलबा उनके घर के पास भी गिरा है। ज़मीन पर गिरने से पहले प्लेन एक तरफ़ झुका हुआ था। हमने एक बहुत ही भयानक धमाका देखा।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि हमें उम्मीद थी कि अजित पवार पॉलिटिक्स में लंबी पारी खेलेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस घटना को लेकर पूरे महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों के लिए पॉलिटिकल शोक घोषित किया गया है।
कपड़ों और घड़ी से हुई अजित पवार की पहचान
इस घटना के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। हालांकि, चूंकि बॉडीज़ क्षत-विक्षत थीं, इसलिए उनकी पहचान करना मुश्किल था। ऐसे में अजित पवार की पहचान उनके कपड़ों और घड़ी से हुई।
एक्सीडेंट के समय प्लेन कैप्टन शांभवी पाठक चला रही थीं
आपको बता दे की बारामती में क्रैश हुआ एयरक्राफ्ट एक लियरजेट 45 (Learjet 45) था, जिसका वज़न 9,752 kg था। हादसे के समय, एयरक्राफ्ट फर्स्ट ऑफिसर कैप्टन शांभवी पाठक के हाथ में था। शांभवी पाठक को एविएशन के क्षेत्र में बहुत अनुभव था और उनका एकेडमिक करियर भी शानदार था। शांभवी पाठक ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के मशहूर 'एयर फोर्स बाल भारती स्कूल' से की। आसमान में उड़ने का सपना देखने वाली शांभवी पाठक ने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स/एविएशन/एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी में B.Sc. की डिग्री हासिल की। उसके बाद, उन्होंने पायलट बनने के लिए खास ट्रेनिंग लेने के लिए 'न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट एकेडमी' से प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली। इस हादसे के बाद एविएशन जगत और शांभवी पाठक के परिवार में भी दुख की लहर दौड़ गई है। फिलहाल, जांच एजेंसियां इस हादसे के सही कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
इस हादसे में अजीत पवार समेत पांच लोगों की जान चली गई: कैप्टन सुमित कपूर (पायलट-इन-कमांड), कैप्टन शांभवी पाठक (फर्स्ट ऑफिसर), विदीप जाधव (पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर) और पिंकी माली (फ्लाइट अटेंडेंट)।