चिली के जंगलों में भीषण आग, 18 की मौत, 20 हज़ार से ज़्यादा लोग बेघर, इमरजेंसी घोषित
दक्षिण अमेरिकी देश चिली में एक कुदरती आफ़त ने कहर बरपाया है। कॉन्सेप्सियन के पास पैंको के जंगलों में लगी भीषण आग से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बढ़ती आग को देखते हुए सरकार ने प्रभावित इलाकों में इमरजेंसी घोषित कर दी है।
8500 हेक्टेयर जंगल की प्रॉपर्टी जली, हज़ारों जानवर मरे
आग की स्थिति बायोबियो और नुबल इलाकों में सबसे ज़्यादा गंभीर है। अब तक लगभग 8500 हेक्टेयर ज़मीन पर फैली जंगल की प्रॉपर्टी जलकर राख हो गई है। तेज़ गर्मी और तेज़ हवाओं की वजह से आग और भी भयानक होती जा रही है, जिससे जंगली जानवरों को भी काफ़ी नुकसान हुआ है। आस-पास के गांवों के लगभग 50,000 लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगह पर जाने को मजबूर हो गए हैं, जबकि 20,000 लोगों को अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया है।
38 डिग्री टेम्परेचर और पिघलती कारें
लोकल अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में टेम्परेचर 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। गर्मी इतनी ज़्यादा है कि सड़क पर खड़ी कारें भी पिघल रही हैं। आग में कई चर्च और घर जलकर खाक हो गए हैं। आसमान नारंगी हो गया है और चारों ओर धुएं का गुबार दिख रहा है।
इंडुरा गैस प्लांट में धमाके का खतरा
सरकार की सबसे बड़ी चिंता अभी जंगल के पास मौजूद 'इंडुरा गैस प्लांट' है। अगर आग इस प्लांट तक पहुंच गई, तो गैस लीकेज या बड़े धमाके का खतरा ज़्यादा है, जिससे बड़ी मौतें हो सकती हैं। फायरफाइटर्स अभी प्लांट को बचाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने इमरजेंसी घोषित की
चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने प्रभावित इलाकों में आपदा से लड़ने के लिए सेना और प्रशासन को तैनात किया है। अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों ने लोगों को धुएं से दूर रहने की सलाह दी है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखने को कहा है।