कुत्तों में वायरस होते है, अगर आप उनसे इतना प्यार करते हैं, तो कुत्तों को घर ले जाएं : SC
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बच्चों और बुजुर्गों पर आवारा कुत्तों के हमलों पर सख्त टिप्पणी की। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि कुत्तों में एक खास वायरस होता है, जिसका कोई इलाज नहीं है। रणथंभौर नेशनल पार्क में जिन बाघों ने कुत्तों को काटा, वे एक लाइलाज बीमारी से संक्रमित थे।
जस्टिस मेहता ने कहा, जब कुत्ते 9 साल के बच्चे पर हमला करते हैं, तो किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए? क्या उन्हें खाना खिलाने वाली संस्था को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए? क्या हमें इस समस्या से आंखें मूंद लेनी चाहिए? कोर्ट ने कहा, "जो डॉग लवर आवारा कुत्तों को खाना खिलाते हैं, उन्हें एक काम करना चाहिए। कुत्तों को घर ले जाना चाहिए।"
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जो लोग कहते हैं कि हम कुत्तों को खाना खिला रहे हैं, तो उनकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। कुत्ते हर जगह गंदगी क्यों फैला रहे हैं, लोगों को काट रहे हैं और डरा रहे हैं। सरकार कुछ नहीं कर रही है। हम कुत्ते के काटने से बच्चों या बुज़ुर्गों की हर मौत या चोट के लिए राज्य सरकार पर भारी मुआवज़ा लगाएंगे।
अगर कुत्ते के काटने से किसी की मौत होती है, तो राज्य को मुआवज़ा देना होगा।
जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, हर उस मामले में जहां कुत्ते के काटने से बच्चों या बुज़ुर्गों की मौत होती है या वे घायल होते हैं, राज्य सरकार पर भारी मुआवज़ा लगाया जाएगा, क्योंकि उसने कुछ नहीं किया है और जो लोग कहते हैं कि हम कुत्तों को खाना खिला रहे हैं, वे भी ज़िम्मेदार होंगे। अगर आप उनसे इतना प्यार करते हैं, तो कुत्तों को घर ले जाएं। उन्हें लोगों को डराने और काटने के लिए सड़कों पर क्यों छोड़ा जा रहा है?