सूरत: अडाजन रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल आज से शुरू

सूरत: अडाजन रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल आज से शुरू
khushbu Rajput JHBNEWS टीम,सूरत 2026-01-10 14:37:52

सूरत : 10 जनवरी को अडाजन रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल 2026 का आयोजन किया गया है। गुजरात टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड, सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और जिला प्रशासन की मिली-जुली पहल पर MP मुकेश दलाल की अध्यक्षता में ‘इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल-2026’ का आयोजन किया गया। जिसमें 21 देशों के 45, भारत के चार राज्यों के 20 और गुजरात के 29 कुल 94 पतंगबाजों ने अलग-अलग तरह की पतंगें उड़ाकर आसमान को रंगीन बना दिया। देश-विदेश के पतंगबाजों ने भटिगल पतंगों से कला और हुनर ​​से भरी पतंगें उड़ाकर सूरत के लोगों का मन मोह लिया। हुनरमंद पतंगबाजों ने छोटी, बड़ी और अलग-अलग रंग-रूप की पतंगें उड़ाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।


MP मुकेशभाई दलाल ने सूरत के लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत में उत्तरायण के त्योहार का खास धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। पतंगें टीमवर्क का सबसे अच्छा उदाहरण हैं और हमें एकता का महत्व सिखाती हैं। जैसे पतंग को ऊंचा उड़ने के लिए हवा की सही दिशा की जरूरत होती है, वैसे ही सही रास्ते पर आगे बढ़ने से जीवन में तरक्की पक्की होती है। 1998 से सूरत समेत पूरे राज्य में इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है, जिससे फूड और फ्लावर इंडस्ट्री समेत कई सेक्टर में रोजगार के नए मौके बन रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जनभागीदारी से मनाए जाने वाले पारंपरिक त्योहार समाज में पॉजिटिव एनर्जी का संचार करते हैं। ऐसे त्योहार, जो हमारी प्राचीन परंपरा और लोक संस्कृति को जीवित रखते हैं, ‘अनेकता में एकता’ की भावना को और मजबूत करते हैं।


इस अवसर पर MLA पूर्णेशभाई मोदी ने कहा कि सरकार द्वारा आयोजित त्योहारों और मेलों के कारण, देश-विदेश से पर्यटक बड़ी संख्या में गुजरात के पर्यटन वैभव का आनंद लेने आते हैं। दक्षिण भारत में पोंगल, उत्तर भारत में मकर संक्रांति से एक दिन पहले लोहड़ी और पश्चिम बंगाल में गंगासागर मेला लगता है। इस तरह मकर संक्रांति का त्योहार पूरे देश को विविधता के बीच एकता के सूत्र में बांधता है।


इस अवसर पर मनपा सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष सोनल देसाई, विभिन्न समितियों के अध्यक्ष, पर्यटन विभाग के कार्यकारी और नगरसेवक, मनपा-जिला प्रशासन के अधिकारी और साथ ही बड़ी संख्या में पतंग प्रेमी और छात्र मौजूद थे। कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल और पंजाब के पतंगबाजों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर। बहरीन, कोलंबिया, फ्रांस, जर्मनी, न्यूजीलैंड और पोलैंड समेत करीब विदेश से आये पतंगबाजों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।