महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खेला, BJP ने कांग्रेस से मिलाया हाथ,अजित पवार ने भी दिया समर्थन दिया

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खेला, BJP ने कांग्रेस से मिलाया हाथ,अजित पवार ने भी दिया समर्थन दिया
khushbu Rajput JHBNEWS टीम,सूरत 2026-01-07 13:56:19

महाराष्ट्र के पॉलिटिकल इक्वेशन में एक नया और हैरान करने वाला चैप्टर शुरू हो गया है। 'कांग्रेस-फ्री इंडिया' का नारा देने वाली भारतीय जनता पार्टी ने ठाणे जिले की अंबरनाथ म्युनिसिपल काउंसिल में सत्ता पाने के लिए अपोज़िशन कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। इस नए अलायंस का मेन मकसद डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे की शिवसेना को सत्ता से दूर रखना है। इस अलायंस में अजित पवार की NCP भी शामिल हो गई है, जिसकी वजह से अब अपोज़िशन बेंच पर बैठने की बारी शिवसेना की है। इस अनएक्सपेक्टेड इक्वेशन की वजह से महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स में काफी गरमाहट है।

अंबरनाथ में बड़ा उलटफेर: BJP-कांग्रेस के बीच अनएक्सपेक्टेड अलायंस

अंबरनाथ म्युनिसिपल काउंसिल में BJP ने कांग्रेस और अजित पवार ग्रुप के साथ मिलकर 'अंबरनाथ विकास अघाड़ी' नाम का नया अलायंस बनाया है। कुल 32 काउंसलर के सपोर्ट से BJP मेजोरिटी की ओर बढ़ रही है, जिसमें BJP के 14, कांग्रेस के 12 और NCP के 4 काउंसलर शामिल हैं। इस गठबंधन के दम पर BJP की तेजश्री करंजुल अंबरनाथ नगर परिषद की मेयर बन गई हैं। शिवसेना (शिंदे गुट) ने इस गठबंधन को 'घटिया गठबंधन' बताया है और BJP पर पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया है।

BJP पर दोहरे मापदंड का आरोप: 'कांग्रेस-मुक्त भारत' के नारे पर उठाए सवाल

शिंदे गुट के MLA डॉ. बालाजी किनिकर और MP श्रीकांत शिंदे ने इस घटनाक्रम पर बहुत नाराज़गी जताई है। किनिकर ने BJP के दोहरे मापदंड पर हमला करते हुए कहा, 'एक तरफ BJP कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करती है और दूसरी तरफ सत्ता के लिए उनके साथ गठबंधन कर रही है। हालांकि, BJP के वाइस प्रेसिडेंट गुलाबराव करंजुल पाटिल ने आरोपों को गलत बताया और पलटवार करते हुए कहा कि शिंदे ग्रुप पिछले 25 सालों से भ्रष्टाचार में डूबा हुआ था और कई बार बातचीत के बाद भी उनकी तरफ से कोई सही जवाब नहीं मिला, इसलिए यह फैसला लेना पड़ा।'

शिवसेना के कड़े रुख से महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीकांत शिंदे ने कहा, 'BJP को इस गठबंधन के लिए जवाब देना चाहिए।' उन्होंने जोर देकर कहा कि, 'शिवसेना और BJP का गठबंधन केंद्र और राज्य में अटूट रहना चाहिए, लेकिन अंबरनाथ में इस नए खेल से 'महायुति' (गठबंधन) में दरार की संभावना बढ़ गई है। ऐसे संकेत हैं कि आने वाले समय में यह राजनीतिक तनाव और गहरा होगा।'