सूरत में फूड टेस्टिंग लैब की आड़ में ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, लंदन कनेक्शन उजागर

सूरत में फूड टेस्टिंग लैब की आड़ में ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, लंदन कनेक्शन उजागर
JHB TEAM JHBNEWS टीम,सूरत 2026-01-07 13:35:35

ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ सूरत पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सूरत स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को बड़ी सफलता मिली है। सूरत शहर के पुना इलाके में चल रही एक हाईटेक ड्रग्स लैब का पर्दाफाश किया गया है, जहां हाई प्यूरीटी क्रिस्टल मेफेड्रोन (MD ड्रग्स) तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में करीब 20 लाख रुपये का मुद्देमाल जब्त कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जाने पूरा मामला 

सूरत के पर्वत पाटिया क्षेत्र में स्थित एक कॉमर्शियल मॉल के भीतर फूड टेस्टिंग लैब की आड़ में चल रही हाई-प्योरिटी क्रिस्टल मेफेड्रोन (MD ड्रग्स) फैक्ट्री का सूरत क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय ‘लंदन कनेक्शन’ सामने आने से पुलिस भी स्तब्ध रह गई है। अमरोली से 230.780 ग्राम ड्रग्स के साथ पकड़े गए जील ठुम्मर की कबूलात के बाद पुलिस ने पोलारिस शॉपिंग सेंटर स्थित लैब पर छापा मारकर ड्रग्स बनाने वाले सीनियर टेक्नीशियन समेत कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

लंदन में बैठे मास्टरमाइंड और लैब के मालिक जनक जादाणी के इशारे और वित्तीय मदद से शहर में ही नशे का जहर तैयार कर युवाओं को इसकी लत लगाने की साजिश रची जा रही थी। पुलिस ने इस कार्रवाई में 2.92 लाख रुपये का मुद्देमाल, तैयार ड्रग्स और ज्वलनशील केमिकल्स जब्त कर आगे की जांच शुरू की है।

1 जनवरी 2026 से शुरू हुई थी मामले की जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत 1 जनवरी 2026 को हुई थी, जब क्राइम ब्रांच ने अमरोली छापराभाठा रोड से 21 वर्षीय जील भूपत ठुम्मर को 236.780 ग्राम MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। कड़ी पूछताछ में जील ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि यह ड्रग्स किसी अन्य राज्य से नहीं, बल्कि सूरत शहर के भीतर ही एक निजी लैब में तैयार किया गया था। यह तथ्य सामने आते ही क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग टीमें बनाकर जांच तेज कर दी।

पोलारिस शॉपिंग सेंटर में चल रही थी ड्रग्स लैब

जांच के दौरान पुलिस पर्वत पाटिया-वेसू कैनाल रोड स्थित पोलारिस शॉपिंग सेंटर तक पहुंची। यहां ‘डिक्रिया फूड एंड फार्मा एनालिटिकल लैबोरेटरी’ में मिली सूचना के आधार पर छापा मारा गया। लैब के भीतर जांच करने पर पुलिस को आधुनिक मशीनरी और केमिकल्स मिले, जिनका इस्तेमाल हाई-प्योरिटी क्रिस्टल मेफेड्रोन ड्रग्स बनाने में किया जा रहा था। फूड टेस्टिंग के नाम पर चल रही यह लैब वास्तव में बड़ा ड्रग्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट साबित हुई।

लंदन से नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था मास्टरमाइंड जनक जादाणी

पुलिस जांच में सामने आया है कि इस ड्रग्स फैक्ट्री का असली मास्टरमाइंड जनक जादाणी लंदन में बैठकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। वहीं से लैब के लिए जरूरी वित्तीय सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन दिया जा रहा था। विदेश में बैठकर सूरत के युवाओं को नशे की लत में धकेलने की यह अंतरराष्ट्रीय साजिश बताई जा रही है।

पुलिस ने इस मामले में सीनियर लैब टेक्नीशियन ब्रिजेश व्रजलाल भालोड़िया (28 वर्ष) को मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है। उसके साथ ड्रग्स सप्लायर खुशाल वल्लभ राणपरिया (27 वर्ष) और भरत उर्फ भाणो दामजी लाठिया (32 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ब्रिजेश अपनी केमिकल जानकारी का दुरुपयोग कर उच्च गुणवत्ता का मेफेड्रोन तैयार करता था, जिसे लंदन में बैठे हैंडलर के निर्देश पर बाजार में बेचा जाता था।

कच्चा माल और तैयार मेफेड्रोन भी जब्त

पुलिस ने छापेमारी के दौरान 200 ग्राम मिक्स केमिकल (कीमत 20 हजार), 1 लीटर केमिकल, 5 लीटर अन्य ज्वलनशील केमिकल, मिथाइल अमाइन, डिजिटल वेइंग मशीन समेत कुल 2,92,050 रुपये का मुद्देमाल जब्त किया है। इसमें 50,850 रुपये कीमत का 16.950 ग्राम तैयार मेफेड्रोन ड्रग्स भी शामिल है।

फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लंदन में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए डिजिटल सबूतों और 3 मोबाइल फोन (कीमत 1.15 लाख रुपये) की जांच की जा रही है।में खपाया जा चुका है।