स्कूल, मॉल और अब कोर्ट निशाने पर: सूरत में 1993 से 2026 तक का पूरा घटनाक्रम
सूरत शहर बीते कुछ वर्षों में बार-बार बम धमकियों और सुरक्षा अलर्ट की वजह से सुर्खियों में रहा है। खासतौर पर 2024 के बाद अदालतों, स्कूलों, मॉल और होटलों को निशाना बनाकर ई-मेल के जरिए दी गई धमकियों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि 2024 और 2025 में सामने आई सभी बम धमकियां जांच में फर्जी साबित हुईं, लेकिन इनके चलते बार-बार परिसर खाली कराने, तलाशी अभियान चलाने और आम लोगों में दहशत का माहौल बनने जैसी स्थितियां पैदा हुईं। साथ ही, सूरत का इतिहास भी वास्तविक बम विस्फोटों और जिंदा बम बरामद होने की घटनाओं से जुड़ा रहा है, जिससे हर नई धमकी को सुरक्षा एजेंसियां पूरी गंभीरता से ले रही हैं। इसके बावजूद, इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता में दहशत का माहौल जरूर पैदा किया।
हालिया बम धमकियां (2024–2026)
RDX विस्फोट की धमकी, सूरत जिला न्यायालय को बम धमकी भरा ई-मेल
6 जनवरी 2026 को सूरत जिला न्यायालय को तड़के करीब 2 बजे एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें आरडीएक्स से इमारत उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके बाद अदालत परिसर को तुरंत सील कर दिया गया और वकीलों व फरियादियों का प्रवेश रोक दिया गया। पुलिस, अपराध शाखा और बम निरोधक दस्ते ने सघन तलाशी अभियान चलाया।
शहर बीते कुछ वर्षों से लगातार बम धमकी वाले ई-मेल और सुरक्षा अलर्ट का सामना कर रहा है। जुलाई 2025 में शहर के प्रतिष्ठित जीडी गोयनका इंटरनेशनल स्कूल और लांसर्स आर्मी स्कूल को “खूनखराबा” की चेतावनी वाले ई-मेल मिले थे। बाद में जांच में सामने आया कि ये संदेश देशभर के करीब 159–160 शैक्षणिक संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों को भेजी गई फर्जी धमकियों की एक संगठित श्रृंखला का हिस्सा थे। हालांकि ये धमकियां झूठी साबित हुईं, लेकिन इससे अभिभावकों, छात्रों और प्रशासन में भारी चिंता फैल गई थी।
इसी तरह, शहर का वीआर मॉल भी 2024 और 2025 के दौरान कई बार निशाने पर रहा। 19 अगस्त 2024 को रक्षाबंधन के दिन 73 ई-मेल आईडी पर एक साथ धमकी भेजे जाने के बाद एहतियातन मॉल खाली कराया गया और करीब 2,000 लोगों को बाहर निकालना पड़ा। इससे पहले 9 अप्रैल 2024 को भी वीआर मॉल को धमकी भरा ई-मेल मिला था, जो एक साथ लगभग 50 अन्य पते पर भेजा गया था। हर बार पुलिस और बम निरोधक दस्तों की गहन जांच के बाद इन धमकियों को अफवाह घोषित किया गया।
त्योहारों के दौरान भी सूरत अलर्ट मोड पर रहा। 2024 की दिवाली के आसपास डुमस रोड स्थित एक लग्जरी होटल, जिसे ले मेरिडियन बताया गया, को भी बम धमकी वाला ई-मेल मिला था। इस घटना के बाद होटल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई और विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया।
अगर इतिहास पर नजर डालें तो सूरत के लिए बम धमकियां कोई नई बात नहीं हैं। जुलाई 2008 में अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के बाद सूरत में तीन दिनों के भीतर 23 जिंदा बम अलग-अलग इलाकों से बरामद किए गए थे। वराछा, मिनी बाजार और हीराबाग सर्कल जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगाए गए इन बमों को समय रहते निष्क्रिय कर दिया गया था। तकनीकी खराबी के कारण ये बम फट नहीं पाए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इससे भी पहले जनवरी 1993 में सूरत ने वास्तविक बम विस्फोटों का दर्द झेला था। वराछा इलाके और सूरत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर हुए दो धमाकों ने पूरे शहर को दहला दिया था। इन्हीं घटनाओं के चलते आज भी हर नई बम धमकी को प्रशासन पूरी गंभीरता से लेता है, भले ही बाद में वह फर्जी ही क्यों न साबित हो।