सोमनाथ पर हमले को 1000 साल हुए पुरे, PM मोदी ने जवाहरलाल नेहरू पर साधा निशाना
गुजरात : हिंदू आस्था के अटूट केंद्र माने जाने वाले सोमनाथ मंदिर पर 1026 AD में महमूद गजनवी के हमले को 1000 साल हो गए हैं। PM मोदी ने इस ऐतिहासिक मंदिर के एक हजार साल के सफर और इसके फिर से बनने को लेकर एक खास ब्लॉग लिखा है। इस आर्टिकल में उन्होंने मंदिर के फिर से बनने का क्रेडिट सरदार वल्लभभाई पटेल को दिया है, तो दूसरी तरफ देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी निशाना साधा है।
सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद का ऐतिहासिक योगदान
PM मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा, 'भारत की आजादी के बाद, सरदार वल्लभभाई पटेल के मजबूत नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर के रेनोवेशन का पवित्र काम शुरू हुआ। 1947 में दिवाली के दौरान सोमनाथ आए सरदार पटेल वहां की हालत देखकर दुखी हुए और उसी पल उन्होंने मंदिर को फिर से बनाने का पक्का फैसला कर लिया। इसी संकल्प के चलते 11 मई 1951 को उस समय के प्रेसिडेंट डॉ. राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में मंदिर के दरवाज़े भक्तों के लिए खोल दिए गए।'
सोमनाथ समारोह पर नेहरू की नाराज़गी
इस बारे में पीएम मोदी ने आगे लिखा, 'सरदार पटेल सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के ऐतिहासिक दिन को देखने के लिए ज़िंदा नहीं थे, लेकिन उनका सपना ज़रूर सच हुआ था। हालांकि, उस समय के PM नेहरू इस इंतज़ाम से खुश नहीं थे और प्रेसिडेंट या मंत्रियों के समारोह में शामिल होने के खिलाफ़ थे। नेहरू को डर था कि इससे भारत की इमेज खराब होगी, लेकिन डॉ. राजेंद्र प्रसाद अपने फ़ैसले पर अड़े रहे और एक नया इतिहास बना।'
के.एम. मुंशी के योगदान को याद किया जाता है
के.एम. मुंशीजी के अमूल्य योगदान को याद किए बिना सोमनाथ मंदिर का इतिहास हमेशा अधूरा रहेगा। उन्होंने उस समय सरदार पटेल का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया था। सोमनाथ पर उनकी किताब 'सोमनाथ, द श्राइन इटरनल' पढ़ने वालों के लिए एक गाइड की तरह है। यह टाइटल ही बताता है कि हम उस सभ्यता के वारिस हैं जिसका आत्मा और विचारों की कभी न खत्म होने वाली ताकत पर भरोसा है। 'नैनं छिंदन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः' मंत्र के अनुसार, सोमनाथ की बाहरी बनावट भले ही चकनाचूर हो गई हो, लेकिन उसकी दिव्य चेतना हमेशा अजेय रही है।
आज दुनिया भारत को एक नई उम्मीद के तौर पर देख रही है। इन्हीं नेक विचारों ने हमें हर मुश्किल समय में फिर से उठने और पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ने की ताकत दी है। यह हमारे मूल्यों और हमारे लोगों के पक्के इरादे की वजह से है कि भारत आज दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन गया है। ग्लोबल कम्युनिटी हमारे क्रिएटिव युवाओं और उनकी क्षमता पर भरोसा कर रही है। हमारी कला, संगीत और संस्कृति ने इंटरनेशनल लेवल पर एक खास पहचान बनाई है, जबकि योग और आयुर्वेद पूरी दुनिया को हेल्दी लाइफस्टाइल का रास्ता दिखा रहे हैं। आज पूरी दुनिया मौजूदा ग्लोबल चुनौतियों को हल करने के लिए भारत की समझ पर भरोसा कर रही है।