आप के युवा नेताओं को निशाना बनाकर बदनाम करने की साजिश, जाने धर्मेश भंडेरी ने कहा?

आप के युवा नेताओं को निशाना बनाकर बदनाम करने की साजिश, जाने धर्मेश भंडेरी ने कहा?
JHB TEAM JHBNEWS टीम,सूरत 2026-01-01 16:10:01

Aam Aadmi Party: पिछले कुछ दिनों से सूरत सहित गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) के युवा नेताओं को लेकर तीखी हलचल देखी जा रही है। पार्टी का आरोप है कि भ्रष्टाचार, माफिया राज और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले उसके कार्यकर्ताओं को योजनाबद्ध तरीके से बदनाम किया जा रहा है और उन पर झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश हो रही है। विशेष रूप से सूरत में AAP के युवा मोर्चा महामंत्री श्रवण जोशी और संपत चौधरी के खिलाफ दर्ज मामलों को पार्टी राजनीतिक साजिश बता रही है, जबकि उसका दावा है कि यह कार्रवाई जनता के बीच बढ़ती पार्टी की लोकप्रियता और जनहित में किए जा रहे संघर्षों को दबाने का प्रयास है।

प्रेस वार्ता में आप नेता धर्मेश भंडेरी ने कहा की पिछले चार–पाँच दिनों से सूरत में आम आदमी पार्टी के युवा नेता श्रवण जोशी को जिस तरह बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है, उस संदर्भ में वास्तविक तथ्यों को सामने रखना आवश्यक है। श्रवणकुमार जोशी मूल रूप से राजस्थान के ब्रह्म समाज से आते हैं, टेक्सटाइल व्यवसाय से जुड़े हैं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक रहे हैं और राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित हैं। वे भ्रष्टाचार के खिलाफ सक्रिय रूप से संघर्ष करते हुए आम आदमी पार्टी, सूरत के युवा मोर्चा के महामंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

धर्मेश भंडेरी ने आगे कहा की यदि उनके फेसबुक पेज की पिछले दो महीनों की गतिविधियाँ देखी जाएँ, तो स्पष्ट होता है कि उन्होंने अनाज माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाई है, ट्रैफिक चालान के नाम पर हो रही अवैध वसूली को उजागर किया है, लिंबायत क्षेत्र में SMC से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों पर अधिकारियों के समक्ष आक्रामक प्रस्तुति दी है, मंदिरों के आसपास अवैध रूप से बिक रहे मांस-मटन और गौमांस के विरोध में स्थानीय नागरिकों के साथ संघर्ष किया है तथा शराब के अड्डों सहित अन्य अवैध गतिविधियों को उजागर कर जनहित और जनजागृति के कार्य किए हैं। इन प्रयासों से लिंबायत क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के प्रति जनता का विश्वास बढ़ा है और लोगों का भय कम हुआ है। इसी बढ़ती लोकप्रियता से चिंतित होकर सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं ने उन्हें रोकने की साजिश रची।

दिनांक 29 को लिंबायत में श्रवण जोशी के खिलाफ कथित तौर पर झूठी शिकायत दर्ज कराई गई। उसी दिन दोपहर करीब साढ़े तीन बजे SOG ने उन्हें और संपत चौधरी को कार्यालय से उठाकर SOG कार्यालय ले जाकर कथित रूप से बुरी तरह पीटा। इस संबंध में श्रवणकुमार जोशी ने न्यायालय में शिकायत भी दर्ज कराई है। आरोप है कि मारपीट के बाद जबरन स्वीकारोक्ति कराई गई, उसका वीडियो बनाया गया और शाम छह बजे उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। यह पूरी प्रक्रिया पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

इस पूरे मामले के पीछे एक गहरी साजिश बताई जा रही है। वर्ष 2022 में साचिन स्थित सरकारी अनाज गोदाम से जुड़े घोटाले को आम आदमी पार्टी ने उजागर किया था, जिसमें 11 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। इनमें से एक व्यक्ति कमलेश खटिक, जिसे बाद में सरकारी गवाह बनाकर जमानत दिलाई गई, आज पहली शिकायत में शिकायतकर्ता बना है। इसी कड़ी में कथित मारपीट की शिकायत, मेडिकल जांच, रिमांड का नामंजूर होना और लाजपोर जेल भेजे जाने के बाद अगले दिन उसी तरह की दूसरी शिकायत दर्ज होना, पूरे षड्यंत्र की ओर इशारा करता है।

धर्मेश भंडेरी का कहना है कि लिंबायत में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और युवाओं के सशक्त नेतृत्व से घबराकर उन्हें डराने और बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इस तरह की साजिशों से डरने वाली नहीं है और अनाज माफियाओं, भ्रष्टाचारियों और भूमाफियाओं के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। श्रवणकुमार जोशी अकेले नहीं हैं—पूरी पार्टी और उसकी टीम इस लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। साथ ही, विसावदर में पार्टी नेता हरेशभाई सावल्या के साथ हुई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह एक सुनियोजित प्रयास है, जिसे आम आदमी पार्टी बेनकाब करती रहेगी।