वाह सूरत! देश का पहला मेगा सिटी जहां झुग्गियां बन जाएंगी इतिहास, राज्य सरकार का बड़ा ऐलान
सूरत : गुजरात की डायमंड सिटी सूरत अब अर्बन डेवलपमेंट के मामले में पूरे देश में एक नई मिसाल कायम करने जा रहा है। गांधीनगर में हुई कैबिनेट मीटिंग के बाद राज्य सरकार ने बताया है कि सूरत शहर झुग्गी-मुक्त होने के बहुत करीब है। पिछले दो दशकों की कड़ी मेहनत के बाद यहां झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाली आबादी 38% से घटकर सिर्फ 5% रह गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अब सूरत को पूरी तरह से झुग्गी-मुक्त शहर घोषित करने के लिए एडमिनिस्ट्रेटिव मशीनरी को काम पर लगा दिया है।
प्रधानमंत्री के विजन का पॉजिटिव नतीजा
गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग के बाद प्रवक्ता मंत्री जीतूभाई वघानी ने अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब नरेंद्रभाई मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने राज्य के मेट्रोपॉलिटन शहरों को झुग्गी-मुक्त बनाने के लिए सस्ते घर और पुनर्वास की एक बड़ी योजना शुरू की थी। साल 2006 के आंकड़ों के मुताबिक, सूरत की कुल आबादी का करीब 38% हिस्सा झुग्गी-झोपड़ियों में रहता था। लेकिन पिछले 20 सालों की लगातार कोशिशों की वजह से आज यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 5% रह गया है, जो एक बड़ी कामयाबी है।
70 लाख की आबादी वाला देश का सबसे बड़ा मॉडल
अभी, भारत में चंडीगढ़ को झुग्गी-झोपड़ी से मुक्त शहर होने का गौरव हासिल है, लेकिन इसकी आबादी करीब 10 लाख है। इसकी तुलना में सूरत की कामयाबी कहीं ज़्यादा बड़ी और मुश्किल है, क्योंकि सूरत की आबादी करीब 70 से 80 लाख है। मंत्री ने आगे कहा कि जब इतनी बड़ी आबादी वाला सूरत पूरी तरह से झुग्गी-झोपड़ी से मुक्त हो जाएगा, तो यह देश का पहला मेगा शहर होगा जो यह मुकाम हासिल करेगा। यह काम अर्बन प्लानिंग के लिहाज से बहुत अहम होगा।
CM ने कार्रवाई के आदेश दिए
जिन अच्छे हालात में सूरत में झुग्गी-झोपड़ी का इलाका न के बराबर होता जा रहा है, उसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मीटिंग में सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने चीफ सेक्रेटरी समेत बड़े अधिकारियों को आदेश दिया है कि सूरत को ऑफिशियली राज्य का पहला स्लम फ्री मेट्रोपोलिस बनाने के लिए बाकी काम जल्दी पूरा करें। इसके लिए म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और राज्य सरकार के डिपार्टमेंट कोऑर्डिनेट करके रिजल्ट देने वाले कदम उठाएंगे।
सूरत पैटर्न दूसरे शहरों में भी लागू किया जाएगा
सूरत की सफलता सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर निर्देश दिया है कि सूरत की तर्ज पर राज्य के दूसरे कस्बों और मेट्रोपोलिस को भी धीरे-धीरे स्लम फ्री बनाया जाएगा। इसके लिए दूसरे शहरों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के काम की प्लानिंग करने और उन्हें करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि गरीबों का जीवन स्तर बेहतर हो और उन्हें पक्के घर मिल सकें।