गंदा पानी पीने से 7 लोगों की मौत- 100 से ज़्यादा की हालत गंभीर, CM ने जांच के आदेश दिए
मध्य प्रदेश : खबरें सामने आई हैं कि देश के सबसे साफ़ शहर इंदौर में गंदे पानी ने तबाही मचा दी है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में गंदा पानी पीने से गंभीर बीमारियों का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रशासन ने अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि 100 से ज़्यादा लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और मुआवज़े का ऐलान किया है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के सभी संजीवनी क्लीनिक मरीज़ों से भरे पड़े हैं। सैकड़ों लोग उल्टी-दस्त से परेशान होकर आ रहे हैं।
हेल्थ डिपार्टमेंट ने 12,000 लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग की
खबरों के मुताबिक, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पिछले एक हफ़्ते से पीने के पानी में बदबू की शिकायतें आ रही थीं। यह पानी पीने से अचानक बड़ी संख्या में लोग उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन से परेशान हो गए। हेल्थ डिपार्टमेंट ने 70 साल के नंदलाल पाल, 60 साल की उर्मिला यादव और 65 साल की तारा कोरी को गंदा पानी पीने की वजह से मरा हुआ बताया है। हालांकि, लोकल लोगों का दावा है कि कुल 8 लोगों की मौत हुई है। अभी अलग-अलग हॉस्पिटल में 111 मरीज़ों का इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है। हेल्थ डिपार्टमेंट ने 12,000 लोगों की हेल्थ स्क्रीनिंग की है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरी है। एक जोनल ऑफिसर और एक असिस्टेंट इंजीनियर को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है। एक सब-इंजीनियर की सर्विस खत्म कर दी गई है। पूरे स्कैम की जांच के लिए एक IAS ऑफिसर की अध्यक्षता में तीन मेंबर की कमेटी बनाई गई है।
सरकार ने मदद का ऐलान किया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मरने वालों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। उन्होंने इंदौर कलेक्टर और नगर निगम को हर मरीज़ को सबसे अच्छा इलाज देने और पानी की लाइनों में दरार या गंदगी का सोर्स तुरंत पता लगाने का भी आदेश दिया है।
स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा
भागीरथपुरा के निवासियों के अनुसार, शक है कि नर्मदा का पानी सप्लाई करने वाली पाइपलाइन में सीवेज का पानी मिला दिया गया है। लोगों में इस बात को लेकर बहुत गुस्सा है कि सफाई में नंबर 1 माने जाने वाले शहर में पीने के पानी की सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे की जा सकती है।