Surat: चौटाबाजार में पालिका और पुलिस तंत्र की सुस्ती से फिर सक्रिय हुए अतिक्रमणकारी
सूरत नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने बड़े पैमाने पर चौटाबाजार से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन यह कार्रवाई ‘चार दिन की चांदनी फिर अंधेरा’ जैसी साबित होती नजर आ रही है। चौटाबाजार में पालिका और पुलिस की कार्रवाई सुस्त पड़ते ही एक बार फिर अतिक्रमणकारियों ने सिर उठा लिया है। इसके चलते चौटाबाजार दोबारा अवैध अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। पालिका और पुलिस द्वारा दिया गया 15 दिनों का अल्टीमेटम अब समाप्ति की ओर है, बावजूद इसके अतिक्रमण जारी रहने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि जब वराछा बरोडा प्रिस्टेज के अतिक्रमण स्थायी रूप से हटाए जा सकते हैं, तो चौटाबाजार के क्यों नहीं? इसके साथ ही लोग चौटाबाजार में अतिक्रमण को स्थायी रूप से हटाने की मांग कर रहे हैं।
सूरत महानगरपालिका ने ज़ीरो अतिक्रमण रूट पर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बड़े स्तर पर शुरू की है। पालिका कुछ ज़ीरो अतिक्रमण रूट से अतिक्रमण हटाने में सफल भी रही है, लेकिन अतिक्रमण के लिए बदनाम चौटाबाजार क्षेत्र में पालिका की शुतुरमुर्ग नीति के चलते अतिक्रमण और बढ़ते जा रहे थे। इसी दौरान सूरत के मेयर दक्षेश मावाणी और पुलिस कमिश्नर अनुपसिंह गेहलोत द्वारा वराछा बरोडा प्रिस्टेज के वर्षों पुराने अतिक्रमण हटाए जाने के बाद चौटाबाजार के निवासियों ने मेयर को पत्र लिखकर चौटाबाजार के स्थायी अतिक्रमण हटाने की मांग रखी थी।
इसके बाद मेयर और पुलिस कमिश्नर ने चौटाबाजार का दौरा किया था और 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था। हालांकि, पालिका और पुलिस द्वारा दिया गया अल्टीमेटम अब पूरा होने को है, लेकिन चौटाबाजार में पालिका और पुलिस तंत्र की कार्रवाई ढीली पड़ते ही दबंग अतिक्रमणकारी फिर से सक्रिय हो गए हैं और एक बार फिर चौटाबाजार को अतिक्रमण की गिरफ्त में ले लिया है।
सूरत पुलिस और पालिका की सख्ती के बावजूद चौटाबाजार में अतिक्रमण जारी रहने से स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पालिका और पुलिस ने 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया था, जो अब समाप्ति पर है, फिर भी दबंग अतिक्रमणकारी पालिका और पुलिस को चुनौती देते हुए खुलेआम अतिक्रमण कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह वराछा बरोडा प्रिस्टेज के वर्षों पुराने अतिक्रमण पालिका और पुलिस हटा सकती है, उसी तरह चौटाबाजार के अतिक्रमण क्यों नहीं हटाए जा सकते?
अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि 15 दिनों की समय-सीमा पूरी होने के बाद पालिका और पुलिस अपनी चेतावनी के अनुसार अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करेगी या सील की कार्रवाई करेगी या नहीं।