गुजरात में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा: वर्ष 2025 में इमरजेंसी मामलों में 12% उछाल, रोज़ाना औसतन 265 मामले
Heart Attack Cases in Gujarat: गुजरात में हृदय रोग एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर रहा है। वर्ष 2025 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में हृदय रोग से संबंधित इमरजेंसी मामलों में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। 108 इमरजेंसी सेवा द्वारा 25 दिसंबर तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष कुल 96,789 मामले सामने आए हैं, जो पिछले वर्ष 2024 के 84,738 मामलों की तुलना में 12.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाते हैं।
रोज़ाना 265 मामले और बढ़ती मृत्यु दर
आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष गुजरात में हृदय रोग की इमरजेंसी के रोज़ाना औसतन 232 मामले दर्ज होते थे, जो इस वर्ष बढ़कर 265 हो गए हैं। इससे भी अधिक चिंताजनक तथ्य यह है कि वर्ष 2023 में हृदय रोग के कारण राज्य में कुल 74,777 लोगों की मौत हुई थी, यानी औसतन प्रतिदिन 204 से 205 लोगों की जान गई।
अहमदाबाद में सबसे अधिक मामले
जिलावार आंकड़ों पर नज़र डालें तो अहमदाबाद में सबसे अधिक 26,823 इमरजेंसी कॉल दर्ज की गई हैं। सूरत, वडोदरा, राजकोट और भावनगर में भी हृदय रोग के मरीजों की संख्या काफी अधिक है। चिकित्सकों के अनुसार, अनियमित जीवनशैली, मानसिक तनाव, शराब सेवन, धूम्रपान और फास्ट फूड के बढ़ते चलन के कारण युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची
हृदय रोग के बढ़ते मामलों के चलते हार्ट ट्रांसप्लांट की आवश्यकता भी बढ़ी है। फिलहाल गुजरात में अंगदान के माध्यम से हृदय प्राप्त करने के लिए 117 मरीज वेटिंग लिस्ट में हैं। अंग प्रत्यारोपण की वेटिंग लिस्ट के मामले में गुजरात देश में दूसरे स्थान पर है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
सावधानियां और लक्षण
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सीने में भारीपन, अचानक पसीना आना, दिल की धड़कन तेज होना, जबड़े में दर्द या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। पर्याप्त नींद, नियमित हल्का व्यायाम और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाना हृदय को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है।