Cybercrime: ऊंची सैलरी का झांसा, म्यांमार में फंसा नवसारी का युवक; पिता की सरकार से मदद की गुहार
नवसारी जिले का एक युवक विदेश में ऊंचे वेतन की नौकरी पाने के लालच में म्यांमार पहुंचकर साइबर क्राइम रैकेट के जाल में फंस गया है। प्रिंस रमेश पटेल नामक इस युवक समेत कुल दस भारतीय युवकों के साथ धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है, जिससे उनके परिवारों में गहरी चिंता व्याप्त है।
एजेंट ने डाटा एंट्री की नौकरी का दिया झांसा
प्रिंस पटेल ने करीब छह महीने पहले ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया था। परीक्षा देने के बाद उसे नौकरी मिलने का भरोसा दिलाया गया और एक एजेंट के जरिए विदेश भेजा गया। एजेंट ने डाटा एंट्री की नौकरी का लालच दिया था, लेकिन म्यांमार पहुंचते ही प्रिंस को यह एहसास हो गया कि वह एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का शिकार बन चुका है।
सेफ हाउस में रह रहे युवक, परिवार परेशान
फिलहाल सभी युवक म्यांमार के वाडी इलाके में एक स्थानीय एनजीओ द्वारा संचालित सेफ हाउस में शरण लिए हुए हैं। प्रिंस पटेल माता-पिता का इकलौता बेटा होने के कारण उसका परिवार बेहद चिंतित है। परिजनों ने नवसारी जिला प्रशासन को पूरे मामले की जानकारी दी है और बेटे को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाने की मांग की है।
पिता की भावुक अपील
प्रिंस के पिता रमेश पटेल ने बताया कि उनका बेटा ही उनके घर का चिराग और बुज़ुर्ग माता-पिता का एकमात्र सहारा था। बेहतर भविष्य की उम्मीद में वह घर से निकला था, लेकिन ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए एक एजेंट के झांसे में आकर म्यांमार में फंस गया। रमेश पटेल ने प्रशासन से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनके बेटे को जल्द से जल्द सुरक्षित और सकुशल घर वापस लाया जाए।