Surat: पाल क्षेत्र में देसी शराब के अड्डे पर जनता की रेड, पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

Surat: पाल क्षेत्र में देसी शराब के अड्डे पर जनता की रेड, पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल
JHB TEAM JHBNEWS टीम,सूरत 2025-12-26 12:34:24

गांधीजी के गुजरात में शराबबंदी लागू है, फिर भी हकीकत यह है कि आज शायद ही कोई ऐसा गांव बचे जहां शराब न मिलती हो। कानून कागजों में सख्त है, लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है। यह स्थिति न सिर्फ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, और वही सूरत शहर के पाल क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आयी है जहा गांव के लोगो ने मिलकर शराब माहिया के अड्डे पर जनता रेड किया है जिसमे वह के लोग सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया, आइये जानते है ख़बर विस्तार से.... 

सूरत के पाल क्षेत्र में महादेव फलिया में चल रहे खुले देसी शराब के अड्डे पर स्थानीय नागरिकों द्वारा की गई जनता की रेड ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है। आम तौर पर अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी पुलिस की होती है, लेकिन इस मामले में महिलाओं और पुरुषों सहित स्थानीय लोगों ने खुद मोर्चा संभालते हुए बड़ी मात्रा में शराब जब्त की। इस घटना ने न केवल अवैध शराब के कारोबार की हकीकत उजागर की, बल्कि पुलिस की निष्क्रियता और निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से खुलेआम शराब बेची जा रही थी। इसके बावजूद न तो नियमित गश्त दिखी और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। जनता की रेड के बाद पुलिस हरकत में आई, जिससे यह धारणा और मजबूत हुई कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में यह घटना नागरिकों के बढ़ते असंतोष और भरोसे के संकट को दर्शाती है।

इस पूरे मामले में पुलिस से जुड़े अहम सवाल सामने आते हैं:

जब अवैध शराब का अड्डा लंबे समय से चल रहा था, तो पुलिस की सूचना प्रणाली क्यों विफल रही?

नियमित गश्त और निगरानी के दावे इस इलाके में प्रभावी क्यों साबित नहीं हुए?

क्या अवैध शराब कारोबारियों को किसी प्रकार का संरक्षण मिल रहा था?

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस क्या ठोस और पारदर्शी कदम उठाएगी?