भारत के साथ तनाव के बीच बांग्लादेश के सुर बदले! यूनुस के फाइनेंशियल एडवाइजर ने दिया बड़ा बयान

भारत के साथ तनाव के बीच बांग्लादेश के सुर बदले! यूनुस के फाइनेंशियल एडवाइजर ने दिया बड़ा बयान
khushbu Rajput JHBNEWS टीम,सूरत 2025-12-24 13:37:03

बांग्लादेश में चल रही हिंसा, हिंदुओं की हत्या और भारत विरोधी भावना के बीच बांग्लादेश के सुर अब बदलते दिख रहे हैं। अंतरिम सरकार के फाइनेंशियल एडवाइजर सलाहुद्दीन अहमद ने बड़ा बयान देते हुए कहा है, 'चीफ एडवाइजर प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस भारत के साथ तनाव भरे रिश्तों को सुधारने के लिए एक्टिव कोशिशें कर रहे हैं।' उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार आर्थिक हितों को राजनीतिक बयानबाजी से अलग रखकर भारत के साथ मजबूत आर्थिक रिश्ते बनाने पर फोकस कर रही है।

यूनुस काम कर रहे हैं

सरकारी खरीद पर एडवाइजरी काउंसिल की मीटिंग के बाद रिपोर्टर्स से बात करते हुए सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, 'चीफ एडवाइजर भारत के साथ डिप्लोमैटिक रिश्ते सुधारने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने इस बारे में कई संबंधित पार्टियों से भी बात की है।' हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या यूनुस ने सीधे भारतीय अधिकारियों से बात की है, तो उन्होंने साफ किया कि उन्होंने नहीं की है, लेकिन इस मामले से जुड़े लोगों से कॉन्टैक्ट किया है। ट्रेड पॉलिसी पर पॉलिटिकल बातों का असर नहीं

अहमद ने ज़ोर देकर कहा, “हमारी ट्रेड पॉलिसी पर पॉलिटिकल बातों का असर नहीं है। अगर भारत से चावल इंपोर्ट करना वियतनाम या दूसरी जगहों से सस्ता है, तो भारत से खरीदना आर्थिक रूप से सही होगा।” उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बांग्लादेश ने मंगलवार को भारत से 50,000 टन चावल खरीदने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी थी, जिसे उन्होंने “अच्छे रिश्ते बनाने की दिशा में एक कदम” बताया।

हालात उतने बुरे नहीं हैं : सलाहुद्दीन अहमद 

बांग्लादेश के फाइनेंशियल एडवाइजर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना ​​है कि ढाका और नई दिल्ली के बीच रिश्ते 1971 में पाकिस्तान से आज़ादी के बाद अपने सबसे निचले लेवल पर पहुँच गए हैं। हालाँकि, सलाहुद्दीन अहमद ने हालात को इतना गंभीर नहीं बताया, और कहा, ‘बाहर से देखने पर लग सकता है कि बहुत कुछ हो रहा है, लेकिन हालात उतने बुरे नहीं हैं।’

दोनों देशों के बीच कड़वाहट नहीं चाहते

अहमद ने माना कि कुछ बयानों को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है, लेकिन वे देश की भावना को नहीं दिखाते। बाहरी ताकतों द्वारा भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने की आशंका पर उन्होंने कहा, 'हम दोनों देशों के बीच किसी भी तरह की कड़वाहट नहीं चाहते हैं। अगर कोई बाहरी ताकत समस्याएँ पैदा करने की कोशिश कर रही है, तो यह किसी भी देश के हित में नहीं है।' उन्होंने दोहराया कि अंतरिम सरकार का इरादा दोनों पड़ोसियों के बीच अच्छे रिश्ते बनाए रखना है और आर्थिक फैसले पूरी तरह से देश के हित पर आधारित होंगे।