अमेरिका और बांग्लादेश में तनाव का क्या संबंध है? ट्रंप की शरण में यूनुस, भारत पर हमला

अमेरिका और बांग्लादेश में तनाव का क्या संबंध है? ट्रंप की शरण में यूनुस, भारत पर हमला
khushbu Rajput JHBNEWS टीम,सूरत 2025-12-23 14:21:42

बांग्लादेश इस समय हिंसा, अफरा-तफरी और अस्थिरता की आग में जल रहा है। नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के कंट्रोल से हालात निकलते दिख रहे हैं। कभी भीड़ द्वारा हिंदुओं की हत्या, कभी पत्रकारों और भारतीय हाई कमिश्नर के घर पर हमले, बांग्लादेश में शांति कब आएगी, इसकी कोई झलक नहीं दिख रही। इस गंभीर संकट के बीच मुहम्मद यूनुस ने अमेरिका में शरण ले ली है और फरवरी में चुनाव कराने का भरोसा दिया है।

अमेरिका के आगे यूनुस का सरेंडर: 12 फरवरी को चुनाव

सोमवार को मुहम्मद यूनुस ने दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए US के विशेष दूत सर्जियो गोर से आधे घंटे तक फोन पर बातचीत की। यूनुस ने भरोसा दिलाया है कि, 'बांग्लादेश में 12 फरवरी को ही आम चुनाव होंगे। साथ ही, अंतरिम सरकार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। तानाशाही शासन ने लोगों से जो वोटिंग के अधिकार छीन लिए थे, उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से वापस किया जाएगा।'

भारत और शेख हसीना पर गंभीर आरोप

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के हेड मोहम्मद यूनुस ने US के स्पेशल दूत से बातचीत के दौरान भारत और शेख हसीना पर तीखा हमला किया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाए कि भारत में शरण लिए हुए शेख हसीना, बांग्लादेश में हिंसा और अस्थिरता भड़काने की सिस्टमैटिक साज़िश रच रही हैं। यूनुस के मुताबिक, पिछली सरकार के सपोर्टर आने वाले चुनाव प्रोसेस में रुकावट डालने के लिए भारी मात्रा में पैसे का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि अंतरिम सरकार इस चुनाव को एक 'आइडियल' और 'एग्जांपल' के तौर पर बनाना चाहती है, लेकिन भारत में बैठे पॉलिटिकल लीडर जानबूझकर दखल देकर इस डेमोक्रेटिक प्रोसेस को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।

यूनुस अमेरिका की 'मौजूदगी' क्यों बना रहे हैं?

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि शेख हसीना को हटाने के पीछे US का इनडायरेक्ट रोल था और मौजूदा यूनुस सरकार पूरी तरह से US सपोर्ट पर निर्भर है। इन पॉलिटिकल इक्वेशन की वजह से बांग्लादेश को भी बड़ा इकोनॉमिक फायदा हो रहा है, क्योंकि US ने बांग्लादेशी प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटाकर 20 परसेंट कर दिया है, जो भारत जैसे देशों के मुकाबले काफी कम है। ऐसा लगता है कि मुहम्मद यूनुस आजकल अपनी पावर बनाए रखने के लिए अमेरिका में बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। उन्हें अच्छी तरह पता है कि ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन की मेहरबानी के बिना बांग्लादेश में उनका राज ज़्यादा दिन नहीं चलेगा, इसीलिए वे देश की हर छोटी-बड़ी हरकत और भविष्य की योजनाओं के बारे में अमेरिका को रेगुलर जानकारी दे रहे हैं।

बांग्लादेश में अमेरिका का 'इंटरेस्ट' क्या है?

अमेरिका साउथ एशिया में भारत और चीन के बढ़ते असर को रोकने के लिए बांग्लादेश को अपना 'मोहरा' बनाना चाहता है।

जियोग्राफिकल इंपॉर्टेंस: बंगाल की खाड़ी में चीन की नेवी की मौजूदगी का मुकाबला करने के लिए अमेरिका को बांग्लादेश में एक स्टेबल लेकिन कठपुतली सरकार की ज़रूरत है।

पाकिस्तान जैसी पॉलिसी: जैसे अमेरिका ने लंबे समय तक पाकिस्तान का इस्तेमाल किया, वैसे ही अब वह डेमोक्रेसी के बहाने बांग्लादेश में अपने फायदे साधना चाहता है।

बांग्लादेश की अस्थिरता से बड़े रिस्क

एक्सट्रीमिज़्म का बढ़ना: जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठनों का बढ़ता दबदबा रीजनल सिक्योरिटी के लिए खतरा है।

चीनी आक्रामकता: अगर अमेरिका मदद कम करता है, तो बांग्लादेश चीन के BRI प्रोजेक्ट्स की तरफ ज़्यादा झुक सकता है।

भारत की सुरक्षा: बांग्लादेश में अस्थिरता और भारत विरोधी भावना सीधे तौर पर भारत की सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक रणनीति को कमजोर करती है।