संसद में चाय पर चर्चा: PM मोदी, राजनाथ सिंह के साथ नजर आई प्रियंका
संसद के शीतकालीन सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और विरोध के बाद शुक्रवार को दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र खत्म होने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो लोकतंत्र की खूबसूरती दिखाती है। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वायनाड से पहली बार सांसद बनीं प्रियंका गांधी एक साथ बैठे नजर आए।
राहुल गांधी इस चर्चा में नहीं थे शामिल
खास बात यह है कि मानसून सत्र खत्म होने के बाद लोकसभा स्पीकर द्वारा बुलाई गई इसी तरह की चाय पार्टी में राहुल गांधी शामिल नहीं हुए थे, लेकिन इस बार उनकी बहन प्रियंका गांधी ने यह परंपरा निभाई। प्रियंका गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, NCP (शरद पवार ग्रुप) की सुप्रिया सुले और डी. राजा जैसे विपक्षी नेता भी इस चर्चा में मौजूद थे।
राजनाथ सिंह के बगल में बैठीं प्रियंका
इस मीटिंग की सबसे खास बात प्रियंका गांधी के बैठने का अरेंजमेंट था। वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के ठीक बगल वाली सीट दी गई थी, जहां वह रक्षा मंत्री के साथ चाय पीती नजर आईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके बगल में बैठे थे। इस तस्वीर में लगभग पूरा विपक्ष मौजूद था।
विपक्ष ने मानसून सत्र का बायकॉट किया
गौरतलब है कि 21 अगस्त, 2025 को मानसून सत्र खत्म होने के बाद स्पीकर बिरला ने सभी सदस्यों के लिए एक चाय पार्टी रखी थी। लेकिन उस समय राहुल गांधी समेत विपक्ष का कोई भी नेता इसमें मौजूद नहीं था और उन्होंने चाय पार्टी का बायकॉट किया था। उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस में कई टैलेंटेड युवा नेता हैं, लेकिन परिवार की असुरक्षा के कारण उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता और शायद राहुल गांधी इन युवा नेताओं की वजह से ही असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
गडकरी ने प्रियंका को खाना खिलाया
इससे पहले गुरुवार को प्रियंका गांधी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बीच सुकून के पल देखने को मिले। जब प्रियंका गांधी ने लोकसभा में शिकायत की कि नितिन गडकरी उन्हें मिलने का समय नहीं दे रहे हैं, तो गडकरी ने तुरंत कहा कि "मेरा दरवाज़ा हमेशा खुला है" और उन्हें प्रश्नकाल के बाद ऑफिस में मिलने के लिए बुलाया। उसके बाद, प्रियंका गांधी गडकरी से मिलने गईं, जहाँ गडकरी ने उन्हें स्वादिष्ट भोजन भी कराया। राजनीतिक विरोध के बीच ऐसी तस्वीरें और घटनाएँ लोकतंत्र की परिपक्वता दिखाती हैं।