सूरत में बेरोजगारी से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या
सूरत शहर के कापोद्रा इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां रत्नकार घनश्याम रामोलिया (उम्र लगभग 50 वर्ष) ने चौथी मंज़िल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना शनिवार सुबह करीब 6–7 बजे हीराबाग के पास स्थित तिरुपति अपार्टमेंट में हुई।
जानकारी के अनुसार, घनश्याम पिछले छह महीनों से बेरोजगार थे। इसके अलावा, वे लंबे समय से किसी शारीरिक बीमारी से भी परेशान चल रहे थे। आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के दबाव में आकर उन्होंने यह कदम उठाया, ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है। पॉलिश्ड हीरों की बढ़ती मांग के कारण पिछले कुछ समय से नेचुरल हीरे पर काम करने वाले रत्नकारों पर मंदी का असर और बढ़ गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही कापोद्रा पुलिस स्टेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
50 वर्षीय घनश्याम रामोलिया के निधन की खबर से पड़ोसी और परिवारजन बेहद आहत हैं और इस दुखद फैसले से व्यथित हैं। पड़ोसियों के अनुसार, घनश्याम कुछ समय से मानसिक और आर्थिक तनाव में थे।
यह घटना शहर में रत्नकारों और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक और मानसिक दबाव की गंभीर चेतावनी है। स्थानीय चिकित्सकों और मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि जब कोई व्यक्ति तनाव में हो, तो उसे समझकर समय पर सहायता देना बेहद आवश्यक है। हीरा उद्योग में मंदी के संकेतों के चलते लाखों रत्नकारों और कारीगरों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है, जिस पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।