पौष अमावस्या कब है? नोट कर लें डेट, स्नान-दान का समय और सभी शुभ मुहूर्त
सनातन धर्म में अमावस्या को अत्यंत पवित्र माना जाता है और पौष माह में पड़ने वाली अमावस्या को पौष अमास कहते हैं। यह तिथि स्नान करने, दान देने और पूर्वजों को याद करने के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए दान और भेंट पूर्वजों को प्रसन्न करते हैं और जीवन की बाधाओं को दूर करते हैं। घर और परिवार में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति बनी रहती है।
पोष अमावस्या 2025 तिथि
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स्नान करने और दान देने का शुभ समय।
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यदि आप ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने में असमर्थ हैं, तो आप सूर्योदय के बाद स्नान कर सकते हैं और दान कर सकते हैं। स्नान के बाद अपनी क्षमता के अनुसार भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुएँ दान करना शुभ माना जाता है।
अन्य शुभ समय
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इस शुभ अमावस्या पर एक विशेष योग का निर्माण हो रहा है
सुबह 3:47 से 10:51 तक शूल योग, उसके बाद गंड योग रहेगा। सुबह से रात 10:51 तक ज्येष्ठ नक्षत्र, उसके बाद मूल नक्षत्र रहेगा। ये दोनों नक्षत्र आध्यात्मिक कार्यों, तर्पण और पूजा के लिए शुभ माने जाते हैं। इसलिए, इस दिन किए गए धार्मिक अनुष्ठानों का लाभ कई गुना बढ़ जाता है।
पूर्वजों को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा समय
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