दुकानों, रेस्टोरेंट और होटलों के बोर्ड कन्नड़ में अनिवार्य, नहीं लिखने पर 20 हजार जुर्माना

दुकानों, रेस्टोरेंट और होटलों के बोर्ड कन्नड़ में अनिवार्य, नहीं लिखने पर 20 हजार जुर्माना
JHB TEAM JHBNEWS टीम,सूरत 2025-12-12 16:09:16

कर्नाटक ने अपनी क्षेत्रीय भाषा को बढ़ावा देने के लिए एक नया आदेश जारी किया है। कन्नड़ और संस्कृति मंत्री शिवराज थंगडगी ने शुक्रवार को बताया कि कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिया है कि वे नेमप्लेट में कन्नड़ भाषा के अनिवार्य उपयोग के क्रियान्वयन पर कड़ी निगरानी रखें। विधान परिषद के सदस्य उमाश्री द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि ये निर्देश कन्नड़ भाषा व्यापक विकास अधिनियम, 2022 के तहत जारी किए गए हैं।

अस्पतालों और मनोरंजन केंद्रों के नाम भी कन्नड़ में होंगे

मंत्री ने बताया कि कानून की धारा 17, उप-धारा 6 के अनुसार, सरकार या स्थानीय संस्था की अनुमति से संचालित सभी वाणिज्यिक, औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, ट्रस्टों, काउंसलिंग केंद्रों, अस्पतालों, प्रयोगशालाओं, मनोरंजन केंद्रों और होटलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी कम से कम 60 प्रतिशत नेमप्लेटें कन्नड़ में हों और यह नाम सबसे ऊपर दिखे।

क्रियान्वयन के लिए जारी किए गए निर्देश

उन्होंने आगे कहा कि कानून के अमलीकरण की जिम्मेदारी सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों की है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि "क्योंकि अमलीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है, इसलिए कार्य अधूरा रहने का कोई प्रश्न ही नहीं है।" उन्होंने बताया कि सभी अमलीकरण अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

20 हजार तक का जुर्माना

मंत्री शिवराज तंगडगी ने कहा कि जो संस्थान कन्नड़ नाम प्लेटें नहीं अपनाएँगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार ने जुर्माने की राशि इस प्रकार तय की है: पहली गलती पर ₹5,000, दूसरी गलती पर ₹10,000 और उसके बाद हर उल्लंघन पर ₹20,000 तक का जुर्माना। इतना ही नहीं, लाइसेंस रद्द होने की भी संभावना है।

लापरवाही पर कार्रवाई होगी

मंत्री ने अंत में बताया कि सभी डिप्टी कमिश्नरों को इन प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई अधिकारी जरा भी लापरवाही दिखाएगा, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।