पेरेंटिंग टिप्स: सर्दियों में बच्चों के बाल हफ़्ते में कितनी बार धोने चाहिए?

पेरेंटिंग टिप्स: सर्दियों में बच्चों के बाल हफ़्ते में कितनी बार धोने चाहिए?
khushbu Rajput JHBNEWS टीम,सूरत 2025-12-12 15:52:53

बहुत से लोग सर्दियों के मौसम में रोज़ अपने बाल नहीं धोते, तो आप बच्चों की हालत का अंदाज़ा लगा सकते हैं। आज हम आपको एक्सपर्ट्स की राय के आधार पर बच्चों के बाल धोने की सही फ्रीक्वेंसी और सावधानियों के बारे में इस लेख में बताएंगे।

बच्चों के बाल कितनी बार धोने चाहिए?

बाल धोना ज़रूरी नहीं है। बच्चों के बाल बड़ों की तरह जल्दी ऑयली नहीं होते, इसलिए बार-बार धोने से उनके बालों से नैचुरल ऑयल निकल जाता है। इससे रूखापन और खुजली जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

एक आम नियम के तौर पर: नए जन्मे बच्चे (0-6 हफ़्ते): पहले 4-6 हफ़्तों तक शैम्पू करने से बचें। सिर्फ़ पानी से हल्के हाथों से साफ़ करें।

6 हफ़्ते से ज़्यादा उम्र के बच्चे: हफ़्ते में 1-3 बार माइल्ड बेबी शैम्पू से बाल धोएं।

बड़े बच्चे (8-12 साल): हफ़्ते में 2-3 बार बाल धोना काफ़ी है।

12 साल से ज़्यादा उम्र: बालों की कंडीशन और ऑयलीनेस के हिसाब से फ्रीक्वेंसी एडजस्ट करें।

रोज़ बाल धोना नुकसानदायक क्यों है?

बार-बार धोने से स्कैल्प का नैचुरल ऑयल निकल जाता है, जिससे बाल रूखे और कमज़ोर हो सकते हैं।इसके साथ ही इससे बाल टूटने और झड़ने का खतरा बढ़ सकता है। सेंसिटिव स्कैल्प पर बार-बार शैम्पू करने से इंफेक्शन या जलन हो सकती है।

मौसम और बालों के टाइप का ध्यान रखें

गर्मियों में: अगर आपके बच्चे को बहुत पसीना आता है या वह बाहर खेलता है, तो आपको बाल धोने की फ्रीक्वेंसी बढ़ानी पड़ सकती है।

सर्दियों में: उनके बाल बहुत ज़्यादा धोने से बचें, क्योंकि इससे सर्दी लगने और स्कैल्प के ड्राई होने का खतरा बढ़ जाता है।

ऑयली स्कैल्प: इस कंडीशन वाले बच्चों को अपने बाल थोड़े ज़्यादा बार धोने पड़ सकते हैं।

रूखे या घुंघराले बाल: नमी बनाए रखने के लिए कम बार धोना बेहतर है।

बाल धोते समय सावधानियां

एक माइल्ड बेबी शैम्पू का इस्तेमाल करें।

शैम्पू को अच्छी तरह से धो लें ताकि कोई बचा हुआ हिस्सा न रह जाए।

बहुत गर्म पानी का इस्तेमाल न करें। गुनगुना पानी सबसे अच्छा है।

धोने के बाद, अपने बालों को धीरे से सुखाएं, ब्लो-ड्रायर का इस्तेमाल करने से बचें।

स्पेशल कंडीशन: क्रैडल कैप

अगर आपके बच्चे के सिर पर सूखी पपड़ी या पीली पपड़ी है, तो उसके बालों में थोड़ा मिनरल ऑयल लगाएं। 

माइल्ड बेबी शैम्पू से धो लें।

बच्चों के बाल रोज़ धोना ज़रूरी नहीं है। हफ़्ते में 2-3 बार बाल धोना काफ़ी है, लेकिन उम्र, मौसम और बालों की कंडीशन के हिसाब से बालों को एडजस्ट करें। हमेशा माइल्ड शैम्पू और सही तरीके का इस्तेमाल करें।

स्पेशल नोट: यह आम जानकारी है, पर्सनल सलाह नहीं। हर किसी की ज़रूरतें अलग-अलग होती हैं। कुछ भी इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। जय हिन्द भारतवर्ष किसी भी प्रोडक्ट के इस्तेमाल से होने वाले किसी भी नुकसान के लिए ज़िम्मेदार नहीं होगा।