वलसाड में बड़ा ब्रिज हादसा: 42 करोड़ की परियोजना का स्ट्रक्चर ढहा, पाँच मजदूर घायल

वलसाड में बड़ा ब्रिज हादसा: 42 करोड़ की परियोजना का स्ट्रक्चर ढहा, पाँच मजदूर घायल
JHB TEAM JHBNEWS टीम,सूरत 2025-12-12 13:13:53

वलसाड में औरंगा नदी पर बन रहे नए ब्रिज का स्लैब अचानक ढह जाने की गंभीर घटना के बाद अब इसका असर राज्य की राजधानी गांधीनगर तक पहुंच गया है। इस दुर्घटना में 4 से अधिक मजदूर दब गए थे, जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं। मार्ग एवं भवन विभाग ने भी इस घटना पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। पूरी घटना की गहन जांच की जिम्मेदारी विभाग के सर्कल ऑफिसर (CO) को सौंपी गई है।

सर्कल ऑफिसर करेंगे विस्तृत जांच, सरकार को सौंपेंगे रिपोर्ट

सर्कल ऑफिसर जल्द ही घटनास्थल का दौरा करेंगे। वे निर्माण की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री, डिजाइन में संभावित खामियों और पूरी निर्माण प्रक्रिया की बारीकी से जांच करेंगे। स्थल निरीक्षण और तकनीकी जांच के बाद वे विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही बरतने वाले कॉन्ट्रैक्टर या जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल

वलसाड की इस घटना ने पूरे राज्य में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जानकारी के अनुसार, वलसाड शहर के कैलाश रोड पर ब्रिज निर्माण के दौरान बांधी गई बांस की पालना (अस्थायी संरचना) अचानक ढह गई। इस हादसे में पाँच मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। एक राहगीर ने बताया कि हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। वहीं, कॉन्ट्रैक्टर ने यह कहकर अपनी सफाई दी कि सभी मजदूरों का बीमा कराया गया है।

पांच मजदूरों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुँचाया गया

सुबह करीब 9 बजे ब्रिज के दो पिलरों के बीच बनाए जा रहे हिस्से के नीचे बंधी अस्थायी पालना अचानक टूट गई, जिससे पाँच से अधिक मजदूर घायल हो गए। फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। फायर विभाग ने सभी मजदूरों को निकालकर अस्पताल पहुँचाया। क्रेन की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है और अधिकारी जांच में जुटे हैं।

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने दी जानकारी

वलसाड जिला कलेक्टर भव्य वर्मा ने बताया कि हादसे में पाँच लोग घायल हुए हैं, जिनमें से चार की हालत स्थिर है जबकि एक मजदूर की स्थिति गंभीर है। उन्होंने बताया कि मजदूर ग्राउंड लेवल पर काम कर रहे थे, तभी जैक में समस्या और लोड बैलेंस बिगड़ने से दुर्घटना हुई। कलेक्टर ने कहा कि 42 करोड़ रुपये की लागत से यह ब्रिज बन रहा है, जिसे एक वर्ष में पूरा करने की समय सीमा है। मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।

जिला पुलिस प्रमुख युवराजसिंह जाडेजा ने बताया कि सुबह 9 से 9:15 बजे के बीच गार्डर लगाने का काम चल रहा था, तभी स्ट्रक्चर का एक हिस्सा स्लिप हो गया। पाँच मजदूरों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुँचाया गया है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई गई है।