रेलवे टिकट एजेंटों पर अब लगेगी लगाम! तत्काल टिकट के लिए अब OTP अनिवार्य
Delhi: टिकट एजेंटों पर लगाम लगाने और आम यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे ने विंडो तत्काल टिकट बुकिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। अब रिजर्वेशन काउंटर पर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान यात्री के मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड OTP) भेजा जाएगा, जिसके सत्यापन के बाद ही टिकट बुकिंग पूरी होगी। यह नई व्यवस्था अगले कुछ दिनों में देश भर में चलने वाली सभी ट्रेनों में लागू हो जाएगी। रेलवे के अनुसार, यह कदम तत्काल सुविधा के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रेलवे आने वाले दिनों में सभी ट्रेनों के तत्काल काउंटर टिकटों के लिए ओटीपी आधारित प्रणाली लागू करने जा रहा है। फिलहाल, इस प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट 17 नवंबर 2025 को शुरू किया गया था और इसे 52 ट्रेनों तक विस्तारित किया गया है। इस प्रणाली के तहत, जब कोई यात्री आरक्षण फॉर्म भरकर तत्काल टिकट बुक करता है, तो उसके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाता है। इस ओटीपी के सफलतापूर्वक सत्यापित होने पर ही यात्री का टिकट कन्फर्म हो सकता है। इससे दलालों के लिए नकली या डुप्लिकेट जानकारी का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाएगा।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए ओटीपी-आधारित तत्काल आरक्षण प्रणाली का प्रस्ताव रखा था। इस नवाचार को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। सबसे पहले, जुलाई 2025 में ऑनलाइन तत्काल टिकटों के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण शुरू किया गया था। इसके बाद, अक्टूबर 2025 में सभी सामान्य आरक्षणों की पहले दिन की बुकिंग के लिए ओटीपी-आधारित ऑनलाइन प्रणाली लागू की गई। इन दोनों प्रणालियों को यात्रियों ने सफलतापूर्वक अपनाया है, जिससे आरक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ी है।
नई ओटीपी आधारित तत्काल आरक्षण प्रणाली अब शेष सभी ट्रेनों में लागू की जाएगी। रेलवे का मानना है कि यह कदम टिकट प्रक्रिया में पारदर्शिता, यात्री सुविधा और सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। दलालों पर नियंत्रण से, ज़रूरतमंद आम यात्रियों को अंतिम समय में भी आसानी से तत्काल टिकट मिल सकेंगे, जो लंबे समय से यात्रियों की एक प्रमुख मांग रही है।