PMO का नाम बदला, अब ‘सेवा तीर्थ’ और देशभर के राजभवन होंगे ‘लोकभवन’
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर अब ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया है। आगे से इसे इसी नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही देशभर के राजभवनों का नाम भी बदलकर ‘लोकभवन’ कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह बदलाव केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परिवर्तन का संकेत है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत की सार्वजनिक संस्थाओं में गहरा परिवर्तन हो रहा है। शासन की सोच सत्ता से सेवा की ओर और अधिकार से जवाबदारी की ओर बढ़ रही है। इसलिए यह बदलाव देश की नई कार्यपद्धति और विचारधारा का प्रतीक है।
इससे पहले केंद्र सरकार ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ रखा था। PMO के अनुसार, यह संदेश देता है कि सत्ता कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक कर्तव्य है। वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री निवास का नाम भी बदला गया था। पहले इसे रेसकोर्स रोड कहा जाता था, लेकिन 2016 में इसे लोक कल्याण मार्ग किया गया, जो जनकल्याण की भावना को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब अपने 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक स्थित भवन से निकलकर नए हाई-टेक परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट हो रहा है। यह परिवर्तन सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसी के साथ देशभर के राजभवनों का नाम भी बदलकर ‘लोकभवन’ किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि ‘राजभवन’ नाम गुलामी के दौर की मानसिकता को दर्शाता है, इसलिए अब राज्यपालों और उपराज्यपालों के आधिकारिक आवासों को लोकभवन और उनके निवास को लोकनिवास कहा जाएगा।