5 साल में 2 लाख से ज्यादा निजी कंपनियां बंद, कर्मचारियों के पुनर्वास पर क्या बोली सरकार?

5 साल में 2 लाख से ज्यादा निजी कंपनियां बंद, कर्मचारियों के पुनर्वास पर क्या बोली सरकार?
Anjali Singh JHBNEWS टीम,सूरत 2025-12-02 13:29:39

देश में पिछले पाँच सालों में निजी कंपनियों के बंद होने की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। सरकार ने सोमवार को लोकसभा में इसके आँकड़े पेश किए। कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने एक सवाल के जवाब में बताया कि पिछले पाँच सालों में देश भर में 2,04,268 निजी कंपनियाँ बंद हुई हैं।

उन्होंने कहा कि इनमें से कई कंपनियों को नियमों के अनुसार रिकॉर्ड से हटा दिया गया है। इसमें विलय, रूपांतरण, स्वैच्छिक बंद और दीर्घकालिक निष्क्रियता जैसे कारण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट सफ़ाई के लिए वर्ष 2022-2023 सबसे महत्वपूर्ण रहा, जिसमें रिकॉर्ड 83,452 कंपनियाँ बंद हुईं। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण सरकार द्वारा निष्क्रिय कंपनियों को हटाने के लिए चलाया गया स्ट्राइक-ऑफ अभियान है।

किस वर्ष कितनी कम्पनियाँ बंद हुईं?

2020-21: 15,216 कंपनियां

2022-23: 83,452 कंपनियां

2023-24: 21,181 कंपनियां

2024-25: 20,365 कंपनियां

संसद में सरकार द्वारा प्रस्तुत आँकड़े दो लाख को पार कर गए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन कंपनियों के बंद होने के पीछे केवल आर्थिक मंदी या औद्योगिक संकट ही एकमात्र कारण नहीं है। कुछ लोगों ने स्वेच्छा से अपना कारोबार बंद किया है। कुछ कंपनियाँ विलय के कारण बंद हुई हैं। जबकि कुछ कंपनियों को कंपनी अधिनियम-2013 के अनुसार रिकॉर्ड से हटा दिया गया है।