सूरत में नशे का अड्डा? BJP विधायक के पत्र से प्रशासन में मचा हड़कंप

सूरत में नशे का अड्डा? BJP विधायक के पत्र से प्रशासन में मचा हड़कंप
Anjali Singh JHBNEWS टीम,सूरत 2025-11-27 17:46:51

राज्य में शराब और ड्रग्स के खुलेआम चल रहे कारोबार को लेकर हाल ही में थराद में जिग्नेश मेवाणी द्वारा पुलिस पर किए गए तीखे हमले, पुलिस के “पट्टा उतार देने” वाले बयान, तथा उसके बाद पुलिस परिवारों के विरोध-प्रदर्शन और गृह मंत्री की प्रतिक्रिया के बीच यह मुद्दा बड़े स्तर पर चर्चा में है। इसी माहौल में अब सूरत के एक BJP विधायक ने भी ड्रग्स के खुलेआम बिक्री के मुद्दे पर विपक्ष की आवाज़ का समर्थन किया है, जिसके चलते मामला और भी गर्मा गया है।

एक तरफ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सरकार तथा पुलिस पर शराब और ड्रग्स के कारोबार पर रोक लगाने में विफल रहने के आरोप लगा रही हैं, और जनता भी मेवाणी के समर्थन में रैली निकालकर इस सामाजिक बुराई के खिलाफ आवाज़ उठा रही है। ऐसे समय में सूरत के BJP विधायक द्वारा सरकार को पत्र लिखकर ड्रग्स की खुलेआम बिक्री पर शिकायत करना और पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाना बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।

सूरत के BJP विधायक कुमार कानाणी ने सूरत म्यूनिसिपल कमिश्नर को भेजे गए अपने पत्र में लिखा है कि सूर्यपुर गरनाला से लेकर प्राणी संग्रहालय सरथाणा चेकपोस्ट तक के ओवरब्रिज के नीचे तथा वल्लभाचार्य रोड के डिवाइडर के बीच बड़ी संख्या में झुग्गियाँ बसी हुई हैं। इन क्षेत्रों के पीछे JCB, ट्रक, टेम्पो जैसे बड़े वाहनों की पार्किंग होती है, और इन्हीं इलाकों में अफीम, गांजा और ड्रग्स का खुलेआम तथा बड़े पैमाने पर कारोबार चल रहा है। यही नहीं, बड़ी संख्या में लोग यहाँ नशे का सेवन भी कर रहे हैं। गंदगी और असुरक्षा से भरे इन क्षेत्रों में कई गैरकानूनी गतिविधियाँ भी चल रही हैं, जो अत्यंत गंभीर मुद्दा है। इस मामले में पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं।

सामाजिक संगठनों द्वारा भी बार-बार शिकायतों के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तब विधायक ने पुलिस और नगर निगम से संयुक्त रूप से कार्रवाई कर इस समस्या को स्थायी रूप से दूर करने की मांग की है। उन्होंने यह भी पूछा है कि कितने दिनों में इस समस्या का समाधान किया जाएगा और इसका लिखित जवाब भी माँगा है। उनके इस पत्र ने राजनीतिक हलकों में बड़ी चर्चा पैदा कर दी है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि गुजरात अब ड्रग्स का एक मुख्य केंद्र बनता जा रहा है, और ड्रग्स के व्यवसाय को समाप्त करने में सरकार असफल साबित हुई है। राज्य में तटीय क्षेत्रों से लेकर अंतरराज्यीय ड्रग्स सप्लाई चेन तक का कई बार खुलासा हो चुका है।

आज की स्थिति यह है कि शराब की तरह ही चरस, गांजा, ड्रग्स पिल्स और अन्य नशीले पदार्थ युवाओं तक आसानी से पहुँच रहे हैं। पार्टियों में भी इनकी सप्लाई की जा रही है। इतनी गंभीर समस्या होने के बावजूद सरकार “ड्रग्स मुक्त गुजरात” का नारा देती है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। राज्य में शराब और ड्रग्स माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं, जिसके चलते नई पीढ़ी का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है।