NDA सरकार का कड़ा फैसला: राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस
बिहार में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद अब नई NDA सरकार सत्ता में आ चुकी है। एक बार फिर नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं। लेकिन इस राजनीतिक बदलाव के साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी को बड़ा झटका लगा है। उन्हें वह सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया गया है, जिसमें वह लंबे समय से रह रही थीं। आखिर यह आदेश क्यों दिया गया, आइए जानते हैं।
19 वर्षों से राबड़ी देवी का था यह सरकारी आवास
2005 में नीतीश कुमार सरकार बनने के बाद 16 जनवरी 2006 से 10 सर्कुलर रोड पर स्थित यह सरकारी आवास राबड़ी देवी को आवंटित किया गया था। लगभग 19 सालों से वह इसी आवास में रह रही थीं। लेकिन अब उन्हें यह आवास खाली करने का निर्देश मिला है। साथ ही भवन निर्माण विभाग ने उन्हें विधान परिषद में विपक्ष के नेता के कोटे से 39 हार्डिंग रोड पर नया आवास आवंटित किया है।
सत्ता परिवर्तन बना प्रमुख कारण
भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव कम रियल एस्टेट अधिकारी शिव रंजन ने इस संबंध में औपचारिक पत्र जारी किया है। विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद लिया गया यह फैसला लालू प्रसाद यादव के परिवार के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। नई सरकार में भाजपा की भूमिका अधिक मजबूत दिखाई दे रही है और विश्लेषक इसे उसी दिशा का संकेत बता रहे हैं।
राबड़ी देवी को तुरंत आवास खाली करना चाहिए: बीजेपी
इस फैसले को लेकर भाजपा ने लालू परिवार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “अगर राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का आदेश दिया गया है, तो उन्हें तुरंत इसे खाली कर देना चाहिए। मुझे भरोसा है कि इस बार वे अपने परिवार के पुराने रिकॉर्ड की तरह किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाएँगी। वे बाथरूम की पाइप भी नहीं खोल पाएँगी, क्योंकि हम उन पर कड़ी नजर रखेंगे।”