बांग्लादेश भूकंप: 5.7 तीव्रता के भूकंप से ढहीं इमारतें, 10 की मौत, 100 से ज़्यादा घायल
बांग्लादेश की राजधानी ढाका और आसपास के इलाकों में शुक्रवार सुबह 5.7 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया। इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जबकि 100 से ज़्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। भूकंप का केंद्र नरसिंडी ज़िले में था, जहाँ सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। इन शक्तिशाली झटकों से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, कुछ जगहों पर आग लग गई और घबराए लोग सड़कों पर भाग खड़े हुए। इस घटना से बांग्लादेश में व्यापक भय और अफरा-तफरी मच गई है।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि भूकंप से ढाका और आसपास के ज़िलों में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं। भूकंप का केंद्र ढाका से लगभग 13 किलोमीटर दूर नरसिंडी में दर्ज किया गया, जहाँ 5 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा, ढाका में 4 और नारायणगंज में 1 व्यक्ति की मौत हुई। सबसे ज़्यादा दहशत ढाका के बाहरी इलाके गाजीपुर के औद्योगिक इलाके में देखी गई, जहाँ 100 से ज़्यादा मज़दूर घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के दौरान इमारतों से भागते समय मची भगदड़ में फ़ैक्टरियों में काम करने वाले मज़दूर घायल हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के झटकों के कारण बोंगशाल में एक पाँच मंजिला इमारत की रेलिंग गिर गई। हादसे के वक़्त इमारत के सामने सड़क पर चल रहे तीन लोगों की रेलिंग गिरने से मौत हो गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि तेज़ भूकंप के कारण लोगों में इतनी दहशत फैल गई कि लोग सीढ़ियों में फँस गए, क्योंकि सभी एक साथ नीचे भागने की कोशिश कर रहे थे।
भूकंप सुबह 10:38 बजे आया, जिसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी। भूकंप इतने तेज़ थे कि ढाका में चल रहा बांग्लादेश-आयरलैंड टेस्ट मैच कुछ मिनटों के लिए रोकना पड़ा। हालाँकि, स्टेडियम को कोई नुकसान नहीं होने के कारण मैच फिर से शुरू कर दिया गया। बांग्लादेश के साथ-साथ पड़ोसी देश भारत में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, कूचबिहार और असम, त्रिपुरा तथा मेघालय जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी लोग दहशत में अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। हालाँकि, भारत में किसी बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है।
बांग्लादेश के अंतरिम प्रशासन के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने देश के नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और ज़रूरत पड़ने पर आधिकारिक चैनलों और हेल्पलाइन के ज़रिए मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।