फर्जी कोर्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी, अब फर्जी जेलर पकड़ा गया, जेल सुविधाओं के नाम पर वसूले लाखों रुपए
सूरत के अडाजन इलाके में ब्लैकमेल मामले में शामिल आरोपी के परिवार को लाजपोर जेल के जेलर के रूप में पहचाने जाने वाले आरोपी को अहमदाबाद लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) टीम ने गिरफ्तार किया है। इसनपुर इलाके में रहने वाला आरोपी, राज्य में हो रहे अपराधों के बारे में समाचार मिलते ही उनके सगा सम्बंधिओ का नंबर निकल कर फोन करता था और खुद को जेलर बताता था।
यह शातिर व्यक्ति आरोपी के बारे में जानकारी मिलने के बाद, वह आरोपियों के रिश्तेदारों को फोन करता था और खुद को जेलर के रूप में पेश करता था। विभिन्न सुविधाएं प्रदान करने के बहाने, वह बैंक खाते में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करता था। आरोपी केवल कीपैड मोबाइल का उपयोग करके कॉल करता था। पुलिस फिलहाल आरोपी को सूरत पुलिस को सौंपने की योजना बना रही है।
डीसीपी भरत राठौड़ ने बताया कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें अडाजण पुलिस स्टेशन में ब्लैकमेलिंग के अपराध में पकड़े गए आरोपी की पत्नी को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया था। आरोपी ने खुद को लाजपोर जेल का जेलर बताया था। बाद में उसने धमकी देकर पैसों की मांग की। वायरल ऑडियो में आरोपी ने 90 दिनों तक जेल में रहने की सुविधाओं के लिए 15 हजार रुपये की मांग की थी। इस संबंध में सूरत के सचिन पुलिस स्टेशन में अपराध दर्ज किया गया था।
आरोपी से 6 कीपैड फोन बरामद
अहमदाबाद जोन-2 डीसीपी एलसीबी दस्ते को सूचना मिली थी कि पुलिसकर्मी और फर्जी अधिकारी बनकर पैसे ऐंठने वाले एक व्यक्ति ने अडाजण, सूरत के एक व्यक्ति को जेलर बनकर ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठ लिए हैं, जिसके चलते फर्जी जेलर बनकर उसे धमकाकर पैसे मांगने वाले राजेश त्रिवेदी (उम्र 49, निवासी आनंद सोसायटी सेक्शन 1, इसनपुर) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से छह अलग-अलग कीपैड मोबाइल बरामद किए गए, साथ ही एक बैंक पासबुक और दो एटीएम भी बरामद किए गए।
पैसे ऐसे निकलवाता था आरोपी
उन्होंने आगे बताया कि आरोपी राजेश त्रिवेदी खुद को वकील बताकर पुलिस स्टेशन से नंबर निकलकर बाद में जस्ट डायल के माध्यम से आरोपियों के बारे में जानकारी प्राप्त करता था। बाद में वह आरोपियों के रिश्तेदारों या परिवार के सदस्यों को कॉल करता और खुद को जेलर बताकर टिफिन और अन्य सुविधाओं के लिए पैसे मांगता। वह ऑनलाइन या बैंक में पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहता और अगर कोई पैसे देने से इनकार करता तो आरोपी उसे जेल में बंद करने और मारपीट करने की धमकी देकर पैसे ऐंठ लेता। आरोपी पहले रामोल, बापूनगर, गांधीनगर, अमरेली और कालूपुर में पकड़ा जा चुका है।