बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए मौत की सज़ा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री  शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध के लिए मौत की सज़ा
Anjali Singh JHBNEWS टीम,सूरत 2025-11-17 14:46:31

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश के लिए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है। शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने पर अदालत में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।

शेख हसीना को मौत की सज़ा सुनाई गई है। बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के विरुद्ध अपराध के 5 आरोपों का दोषी पाया है।

इनमें सबसे गंभीर आरोप हत्या, अपराध रोकने में नाकामी और मानवता के ख़िलाफ़ अपराध हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शेख़ हसीना को मौत की सज़ा हो सकती है। अदालत के फ़ैसले का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। 

इन तीनों आरोपियों पर पांच मुख्य आरोप

  • अपमानजनक भाषण और आक्रमणकारी पंक्तियाँ:

शेख हसीना ने कथित तौर पर 14 जुलाई, 2024 को भड़काऊ भाषण दिए, जिसके कारण कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा छात्रों और नागरिकों पर हमले किए गए। 

  • नागरिकों के विरुद्ध हेलीकॉप्टर, ड्रोन और सेना का उपयोग करने का आदेश:

तीनों पर गोला-बारूद, हेलीकॉप्टर और ड्रोन का उपयोग करके प्रदर्शनों को हिंसक रूप से दबाने का आदेश देने का आरोप है।

  • शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सज़ा

शेख हसीना को मौत की सज़ा सुनाई गई है। शिकायतकर्ताओं ने आरोपियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी। 78 वर्षीय हसीना पर अगस्त 2024 में भड़के व्यापक विद्रोह से जुड़े कई गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते उन्हें पद छोड़ना पड़ा था।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, हसीना सरकार द्वारा निर्देशित सख्त कार्रवाई के बाद 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच हुए “विद्रोह” में लगभग 1,400 लोगों की मौत हुई थी।

  • शेख हसीना ने जारी किया बयान

कोर्ट के फैसले से पहले शेख हसीना का बयान भी सामने आ गया था। अपने बयान में उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा बताया था। हसीना ने एक ऑडियो संदेश में कहा- "हमने इस तरह के हमलों और मामलों को बहुत देखा है। मुझे परवाह नहीं है, अल्लाह ने मुझे जीवन दिया है और एक दिन मेरी मौत आएगी, लेकिन मैं देश के लोगों के लिए काम कर रही हूं और ऐसा करना जारी रखूंगी। हमारे संविधान के अनुच्छेद 7 (बी) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि अगर कोई निर्वाचित प्रतिनिधियों को बलपूर्वक सत्ता से हटाता है, तो उसे दंडित किया जाएगा। यूनुस ने यही (मुझे बलपूर्वक सत्ता से हटाया) किया। अगर कोई अदालत में झूठी शिकायत करता है, तो उस पर कानून के तहत मुकदमा चलता है और एक दिन ऐसा होगा ही।" उन्होंने पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं से सजा के बारे में चिंता ना करने को कहा है।

  • रंगपुर में अबू सईद की हत्या:

तीनों पर 16 जुलाई 2024 को बेगम रोकैया विश्वविद्यालय के सामने एक छात्र को गोली मारने का आदेश देने का आरोप है।

  • चंखरपुल में छह छात्रों की हत्या:

5 अगस्त 2024 को ढाका में छह छात्रों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इन तीनों पर इस ऑपरेशन का आदेश देने का भी आरोप है। 

  • अशुलिया में छह लोगों की हत्या कर जिंदा जलाने की घटना:

5 अगस्त, 2024 को अशुलिया में छह लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पाँच शवों को जला दिया गया, जबकि एक को कथित तौर पर ज़िंदा जला दिया गया। तीनों पर इस घटना की साजिश रचने का आरोप है।

  • शेख हसीना ने बम हमले का आदेश दिया: आईसीटी

आईसीटी ने अपने फैसले में पुष्टि की है कि निर्दोष प्रदर्शनकारी मारे गए थे। बांग्लादेश की पूर्व गृह मंत्री भी आरोपी हैं। शेख हसीना ने खुद बम हमले का आदेश दिया था। 

  • 400 पृष्ठ का फैसला 

अंतर्राष्ट्रीय न्यायाधिकरण ने कार्यवाही शुरू कर दी है। शेख हसीना मामले में फैसला छह भागों में सुनाया जाएगा। यह 400 पृष्ठों का है। न्यायमूर्ति गुलाम मुर्तुज़ा की अध्यक्षता वाला तीन न्यायाधीशों का न्यायाधिकरण यह फैसला सुनाएगा। 

  • सुनवाई शुरू, फैसले में लग सकता है समय! 

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के विरुद्ध गंभीर आरोपों के मामले में फैसले का समय आ गया है। अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) में कार्यवाही शुरू हो गई है और जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। न्यायमूर्ति गुलाम मुर्तजा की अध्यक्षता वाला तीन न्यायाधीशों का न्यायाधिकरण फैसला सुनाएगा। फैसला सुनाए जाने से पहले, पूरे मामले को पढ़ा और रिकॉर्ड किया जाएगा। इसलिए, यह प्रक्रिया लंबी हो सकती है और फैसला आने में समय लग सकता है।

  • ढाका में हिंसा और तनाव 

फ़ैसले से पहले ढाका में राजनीतिक हिंसा चरम पर पहुँच गई है। रविवार को कई देसी बम फटे। अकेले 12 नवंबर को 32 विस्फोट हुए और दर्जनों बसों में आग लगा दी गई। पुलिस ने शेख हसीना की पार्टी 'अवामी लीग' के कार्यकर्ताओं को तोड़फोड़ के आरोप में हिरासत में लिया है। सुरक्षा के लिए 400 से ज़्यादा सीमा रक्षक तैनात किए गए हैं और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

  • शेख हसीना के बेटे की सरकार को खुली चेतावनी 

इस बीच, शेख हसीना के बेटे और उनके सलाहकार साजिब वाजेद ने एक इंटरव्यू में मौजूदा यूनुस सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी (अवामी लीग) पर से प्रतिबंध नहीं हटाया गया, तो उनके समर्थकों का फरवरी में होने वाले आम चुनावों पर गंभीर असर पड़ेगा और विरोध प्रदर्शन भीषण हिंसा में भी बदल सकते हैं।

  • हम फैसले के बारे में जानते हैं... 

फैसले के बारे में उन्होंने कहा, "हमें ठीक-ठीक पता है कि फैसला क्या होने वाला है। वह (शेख हसीना) दोषी पाई जाएंगी और शायद उन्हें मौत की सज़ा भी दी जाए। वह मेरी माँ का क्या कर सकती हैं? मेरी माँ भारत में सुरक्षित हैं। भारत उन्हें पूरी सुरक्षा दे रहा है और उनके साथ एक राष्ट्राध्यक्ष जैसा व्यवहार कर रहा है।"

  • मामला क्या है और पिछले साल की हिंसा क्या थी? 

शेख हसीना पर 2024 में छात्र आंदोलन के खिलाफ घातक कार्रवाई करने का आरोप है। हालाँकि, हसीना ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है। अगस्त 2024 में बांग्लादेश से भागने के बाद से वह दिल्ली में निर्वासन में रह रही हैं। गौरतलब है कि, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल 15 जुलाई से 5 अगस्त के बीच हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान 1,400 लोग मारे गए थे। इस हिंसा को 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद से सबसे भीषण राजनीतिक हिंसा माना जाता है, जिसने बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग को भारी नुकसान पहुँचाया था।