गुजरात ACB ने दिल्ली क्राइम ब्रांच के ASI सहित 3 लोगों को किया गिरफ्तार: जानिए पूरा मामला?
गुजरात एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए दिल्ली क्राइम ब्रांच के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों पर अहमदाबाद के एक वीज़ा कंसल्टेंट का नाम आपराधिक केस से हटाने और जब्त किए गए दस्तावेज़ वापस करने के बदले 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। ACB के अनुसार, 10 लाख रुपये की पहली किस्त स्वीकार करते समय आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया।
मामला कैसे शुरू हुआ?
29 जुलाई 2025 को दिल्ली क्राइम ब्रांच की एक टीम ने अहमदाबाद के CG रोड स्थित “ओम ग्लोबल टूर्स एंड वीज़ा कंसल्टेंट” के दफ़्तर पर छापा मारा था। इस दौरान अधिकारियों ने दो लैपटॉप, दो प्रिंटर, 17 पासपोर्ट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ATM कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, चेकबुक और 20,000 रुपये नकद समेत कई व्यक्तिगत दस्तावेज जब्त किए थे।
दफ़्तर के मालिक और शिकायतकर्ता को नवरण्गपुरा पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां ASI शिवकुमार ने अपने परिचित संजय पटेल को बुलाया, जबकि दफ़्तर मालिक ने अपने मित्र चित्रेश सुतारिया को बुलाया। दोनों मिलकर शिकायतकर्ता और मालिक को पुलिस स्टेशन से छुड़वाने पहुंचे। बाद में ASI शिवकुमार ने दोनों को बयान दर्ज कराने के लिए दिल्ली बुलाने का नोटिस दिया और दस्तावेज़ व गाड़ी लेकर टीम दिल्ली रवाना हो गई।
असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर ने मांगे 1 करोड़ रुपये
दिल्ली पहुंचकर जब शिकायतकर्ता ने ASI शिवकुमार से संपर्क किया, तो उसने केस में नाम न जोड़ने और जब्त दस्तावेज़ वापस देने के लिए 1 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की। उसने शिकायतकर्ता को आगे की बातचीत के लिए चित्रेश सुतारिया और संजय पटेल से संपर्क करने को कहा। शिकायतकर्ता रक़म की व्यवस्था नहीं कर सका।
इसके बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने शिकायतकर्ता का नाम केस में सह-आरोपी के रूप में दर्ज कर दिया, उसे फरार घोषित किया और दस्तावेज़ों का उल्लेख किए बिना चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद इस गैंग ने रिश्वत की मांग घटाकर 80 लाख रुपये कर दी, जिसमें 10 लाख रुपये एडवांस और बाकी रकम केस से नाम हटने और दस्तावेज़ लौटाने के बाद देने की शर्त रखी गई।
ACB ने बिछाया जाल, आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार
रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने गुजरात ACB से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। ACB ने एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया, जिसमें आरोपी चित्रेश सुतारिया को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।