फुलज़ार गाँव में हुई घटना की गूँज सूरत में दिखाई दी, पाटीदार समाज न्याय के लिए हुए एकत्रित
अमरेली ज़िले के फुलज़ार गाँव में हुई हिंसक घटना की गूँज अब सूरत में भी सुनाई देने लगी है। असामाजिक तत्वों द्वारा पाटीदारों पर हमले और उसके बाद झूठे मुकदमों के आरोपों को लेकर सूरत में पाटीदार समाज की एक अहम बैठक हुई।
बैठक में प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
सूरत में हुई इस बैठक में पाटीदार समाज के बड़ी संख्या में नेता, युवा और बुजुर्ग मौजूद थे। जिसमें पाटीदार नेता विजय मंगुकिया, अभिन कलथिया, अल्पेश कथीरिया समेत कई युवा और नेता मौजूद थे। समुदाय ने एकजुट होकर फुलज़ार में हुई घटना को लेकर न्याय की माँग की है।
फुलज़ार गाँव की घटना क्या है?
फुलज़ार गाँव में काठी दरबार के युवाओं और पाटीदार युवाओं के बीच गुटीय झड़प हो गई। पाटीदार समुदाय का आरोप है कि गाँव के चौक पर खड़े पाटीदारों पर काठी दरबारियों ने हथियारों से हमला किया और एक वाहन को टक्कर मार दी। इस हमले में लगभग 7 पाटीदार घायल हो गए। हालाँकि, गाँव के बाहर से आए एक निर्दोष काठी दरबार की भी इस घटना में मौत हो गई।
गलत मुकदमा दर्ज करने का आरोप
पाटीदार समुदाय का मुख्य आरोप यह है कि काठी दरबार की मौत के लिए पाटीदारों को ज़िम्मेदार ठहराकर उनके नेताओं ने पाटीदारों पर ही पलटवार किया और फिर गलत पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई।
शिकायत में पाटीदार समुदाय के 29 लोगों और 50 अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
समुदाय का कहना है कि शिकायत में कुछ निर्दोष लोगों के नाम भी जोड़े गए हैं। जिसमें एक युवक का अस्पताल में ऑपरेशन चल रहा था और एक अन्य युवक शादी में मौजूद था, लेकिन उसका नाम शिकायत में लिख दिया गया है। पाटीदार समुदाय का आरोप है कि सीसीटीवी कैमरे में सबूत होने के बावजूद पुलिस ने गलत शिकायत दर्ज की है।
न्याय के लिए आंदोलन की धमकी
पाटीदार समुदाय न्याय की मांग को लेकर सूरत में इकट्ठा हुआ है और झूठी शिकायत को खारिज करने की मांग की है। अगर न्याय नहीं मिला, तो समुदाय ने आंदोलन के तौर पर सूरत से फुलजार गाँव तक रैली निकालने की धमकी दी है।