नया फोन ले तभी उसे 7 से 8 बार फ़ॉर्मेट करें, ताकि उसमें मौजूद सभी ब्लोटवेयर ऐप्स हट जाएँ।
आज के डिजिटल युग में, हर किसी के पास स्मार्टफ़ोन, टैबलेट या लैपटॉप होता है। लेकिन ज़्यादातर लोग यह नहीं जानते कि इन डिवाइस में कुछ पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप्लिकेशन होते हैं। इन्हें "ब्लोटवेयर" कहा जाता है। ये कभी-कभी साइबर अपराध का एक ज़रिया भी बन सकते हैं। इससे बचने के लिए कुछ कदम उठाने ज़रूरी हैं।
ब्लोटवेयर क्या है? :
ब्लोटवेयर वे ऐप्लिकेशन होते हैं जो कंपनी फ़ोन या कंप्यूटर के साथ पहले से इंस्टॉल करती है। इनके अलावा, शॉपिंग ऐप्स, ट्रायल एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर, डिफ़ॉल्ट गेम, ब्राउज़र एक्सटेंशन, सोशल मीडिया या क्लाउड ऐप्स भी होते हैं और कई मामलों में, यूज़र्स इन ऐप्स को डिलीट भी नहीं कर सकते, क्योंकि ये सिस्टम ऐप्स के रूप में लॉक होते हैं।
ब्लोटवेयर साइबर ख़तरा कैसे बन सकते हैं?
डेटा ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग:
कुछ ब्लोटवेयर यूज़र्स की लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स, ब्राउज़िंग हिस्ट्री और कॉल रिकॉर्ड उनकी अनुमति के बिना इकट्ठा करते हैं। 2022 में, एक चीनी स्मार्टफोन ब्रांड पर अपने पहले से इंस्टॉल किए गए "सुरक्षा ऐप" के ज़रिए उपयोगकर्ता की जानकारी विदेशी सर्वर पर भेजने का आरोप लगा था।
मैलवेयर इंजेक्शन:
हैकर्स ब्लोटवेयर अपडेट के ज़रिए दुर्भावनापूर्ण कोड इंस्टॉल कर सकते हैं।
बैटरी और परफॉर्मेंस पर असर:
ब्लोटवेयर डिवाइस पर बैकग्राउंड में लगातार चलता रहता है, जिससे डिवाइस धीमा हो जाता है और बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है। हैकर्स इस तकनीकी खामी का फायदा उठाकर डिवाइस तक पहुँच सकते हैं।
विज्ञापन धोखाधड़ी:
कुछ ब्लोटवेयर "एडवेयर" की तरह काम करते हैं। ये लगातार पॉप-अप विज्ञापन दिखाते हैं और उपयोगकर्ताओं को गलत साइटों पर रीडायरेक्ट करते हैं।
सावधानियां और सुरक्षा उपाय
1. फ़ोन खरीदने से पहले जाँच करें: नया फ़ोन लेते समय, यह ज़रूर जाँच लें कि उसमें कोई अनजान ऐप तो नहीं है। फिर उसे 7 से 8 बार फ़ॉर्मेट करें। ताकि अगर फ़ोन में कोई छिपा हुआ ऐप हो, तो उसे हटा दिया जाए और फिर ऑपरेटिंग सिस्टम को अपग्रेड किया जाए।
2. अनावश्यक ऐप्स हटाएँ: जिन ऐप्स का इस्तेमाल नहीं हो रहा है, उन्हें "डिसेबल" या "अनइंस्टॉल" करें।
3. ऐप परमिशन चेक करें: फ़ोन की सेटिंग में जाकर ऐप परमिशन में जाकर हर ऐप को दी गई परमिशन चेक करें। अगर आपको कोई अनजान ऐप मिले, तो उसकी परमिशन तुरंत रद्द कर दें।
4. सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करें: डिवाइस और एंटीवायरस को नियमित रूप से अपडेट करते रहें।
5. साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें: अनजान लिंक, नकली ऐप्स और पॉप-अप विज्ञापनों से हमेशा दूर रहें।