सूरत पुलिस का बड़ा एक्शन: 115 ड्रग्स केस में 254 आरोपी गिरफ्तार, माफियाओं में हड़कंप

सूरत पुलिस का बड़ा एक्शन: 115 ड्रग्स केस में 254 आरोपी गिरफ्तार, माफियाओं में हड़कंप
Anjali Singh JHBNEWS टीम,सूरत 2025-11-05 18:19:30

आज सूरत शहर गुजरात में ड्रग्स से जुड़े सबसे अधिक केस दर्ज करने वाला शहर बन गया है।

सूरत शहर में ‘नो ड्रग्स इन सूरत सिटी’ अभियान के तहत स्थानीय पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पिछले छह महीनों में ड्रग्स से जुड़े 115 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 254 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस कमिश्नर अनुपमसिंह गहलोत के निर्देश पर शहर के सभी पुलिस स्टेशनों में एक-एक PSI और विशेष स्टाफ को ड्रग्स विरोधी कार्रवाई के लिए नियुक्त किया गया है।

पहले पुलिस केवल 1 ग्राम, 2 ग्राम या 10 ग्राम जैसे छोटे ड्रग्स मामलों में कार्रवाई करने में हिचकिचाती थी, लेकिन अब सख्त निर्देशों के बाद स्थानीय स्तर पर भी ड्रग पेडलरों के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया जा रहा है। खास बात यह है कि दर्ज हुए अधिकांश मामलों में आरोपियों को निचली अदालत से ज़मानत न मिलने पर उन्हें ऊपरी अदालत का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

ड्रग्स रोकथाम के लिए ज़ोरदार मिशन

विश्व स्तर पर ड्रग्स के ख़िलाफ अभियान चल रहे हैं। इसी कड़ी में युवाओं को ड्रग्स की लत से बचाने के लिए सूरत पुलिस कमिश्नर अनुपमसिंह गहलोत ने अभियान को और प्रभावी बनाया है। पहले पूर्व कमिश्नर अजय कुमार टोमर ने इस अभियान की शुरुआत की थी।

37 से अधिक पुलिस स्टेशनों से कार्रवाई: देखे ज़ोन वाइज आँकड़े

सूरत शहर के सातों ज़ोन में पुलिस ने लगातार कार्रवाई की, जिसके आंकड़े इस प्रकार हैं—


ज़ोन 
केसआरोपी गिरफ्तार
ज़ोन-12440
ज़ोन-20727
ज़ोन-30621
ज़ोन-41027
ज़ोन-51229
ज़ोन-62341
ज़ोन-70813

सूरत देश के सबसे विकसित शहरों में गिना जाता है, ऐसे में बढ़ते क्राइम के साथ ड्रग्स का नेटवर्क भी तेजी से फैल रहा था। लेकिन पुलिस की एंटी-ड्रग्स मुहिम ने स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। छोटे स्तर से लेकर बड़े ड्रग रैकेट तक, सभी के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की गई है।

शहर के सरोल, पूणा, भेस्तान, पंडेसरा, उधना, खटोदरा और इछापोर पुलिस स्टेशन ने ड्रग्स नेटवर्क तोड़ने में प्रमुख भूमिका निभाई है। वहीं, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के DCP जयराज सिंह नकुम और उनकी टीम की सक्रियता से ड्रग्स माफियाओं की कमर टूट चुकी है।

पुलिस अब देर रात तक चाय-पान की दुकानों पर भी निगरानी रख रही है, ताकि इन जगहों से ड्रग्स का कारोबार न चल पाए। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस हर स्तर पर तत्परता से काम कर रही है।