सूरत BRTS पूरी तरह ग्रीन: 13 रूट पर दौड़ेंगी 100% इको-फ्रेंडली बसें, 5 करोड़ की सालाना बचत

सूरत BRTS पूरी तरह ग्रीन: 13 रूट पर दौड़ेंगी 100% इको-फ्रेंडली बसें, 5 करोड़ की सालाना बचत
Anjali Singh JHBNEWS टीम,सूरत 2025-11-05 17:41:47

सूरत महानगर पालिका (SMC) की पर्यावरण–मित्र पहल ने शहर में हरित परिवहन का एक नया अध्याय शुरू किया है। शहरी परिवहन में क्रांतिकारी कदम उठाते हुए SMC ने BRTS (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) के सभी 13 रूटों पर चलने वाली 352 बसों को डीज़लमुक्त कर दिया है और अब उनकी जगह पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं। इसके साथ ही सूरत का BRTS नेटवर्क अब सही मायने में ‘ग्रीन रूट’ बन गया है।

पर्यावरण को बड़ा लाभ: हर महीने 200 टन CO₂ उत्सर्जन में कमी

इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग से पर्यावरण को अत्यधिक लाभ पहुंचा है। BRTS रूट पर डीज़ल बसों के बंद होने के बाद रोज़ाना लगभग 6,000 लीटर डीज़ल से होने वाला जहरीला धुआँ अब हवा में नहीं घुल रहा। इसका परिणाम यह हुआ कि हर महीने लगभग 200 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन में कमी आई है। सालाना हिसाब से देखें तो यह कमी लगभग 2,400 टन कार्बन की है — जो सूरत को एक साफ, स्वस्थ और प्रदूषण–रहित शहर की दिशा में लेकर जा रही है।

डीज़ल और खर्च की भारी बचत

डीज़ल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से SMC को आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत मिली है। पहले डीज़ल बसें औसतन 4–5 किमी प्रति लीटर माइलेज देती थीं, जिसके चलते प्रतिदिन हज़ारों लीटर डीज़ल का उपभोग होता था। इलेक्ट्रिक बसों के चलते अब प्रतिदिन लगभग 6,000 लीटर डीज़ल की बचत हो रही है। वार्षिक रूप से यह बचत 18 लाख लीटर से भी अधिक डीज़ल की है।

डीज़ल खर्च में कमी के कारण सूरत महानगर पालिका को हर साल लगभग 15 करोड़ रुपये की आर्थिक बचत हो रही है। अर्थात यह पहल न केवल पर्यावरण बल्कि नगर निगम की वित्तीय सेहत के लिए भी अत्यंत लाभदायक साबित हो रही है।