"मैं हर दिन दर्द से गुजरता हु", अहमदाबाद प्लेन कैश एकलौते बचे विश्वास कुमार की आपबीती
12 जून को शायद ही कोई भूल पाएगा क्योंकि ये तारीख भारत के लिए काला दिन बन गया । 12 जून को अहमदाबाद में बहुत भयंकर प्लेन हादसा हुआ, जिसमें 241 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की भी मौत हो गई थी। इस हादसे में सिर्फ एक व्यक्ति जिंदा बचे हुए थे वो है विश्वास कुमार। विश्वास कुमार खुद को बहुत सौभाग्यशाली इंसान मानते हैं। लेकिन वो कहते है कि इस हादसे के बाद वो मानसिक और शारीरिक दर्द झेल रहे है।
कुमार विश्वास ने बताया कि वो अपने पत्नी और बेटे के साथ रहते है। पर दोनों में से किसी से बात नहीं करते है। अकेले ही रहते है।
आगे रमेश ने बताया कि उनका छोटा भाई अजय भी थोड़ी दूर पर बैठे थे। लेकिन वो नहीं बच पाए। आंखो में आंसू किए विश्वास ने कहा 'मैं अकेला जिंदा बचा हूं, अब भी यकीन नहीं होता. ये किसी चमत्कार से कम नहीं है। मेरा भाई मेरी रीढ़ था, उसने हमेशा मेरा साथ दिया, और अब मैं बिल्कुल अकेला हूं.'
रमेश ने आगे बताया कि वो PTSD से जूझ रहे हैं। कहते है कि हर दिन दर्द से गुजरना पड़ता है। किसी से बात नहीं करने का मन करता है। विमान हादसे के दौरान उनको पैर, कंधा, घुटने और पीठ में गंभीर चोटे आई है। जिसके कारण वो काम तक नहीं कर पाते है। उनको चलने के लिए भी पत्नी का सहारा लेना पड़ता है। रमेश के ऐसे हालत के वजह से उनका मछली का व्यापार भी रुका हुआ है। एयर इंडिया ने रमेश को 25.9 का मुआवजा भी दिया है, उन्होंने ये रकम स्वीकार भी किया है। लेकिन सलाहकारों का कहना है कि ये रकम जरूरत के हिसाब से बहुत कम है।