VNSGU में नकल पर जुर्माने ने पार किया ₹70 लाख का आँकड़ा, क्या जुर्माना ही आय का नया स्रोत?

VNSGU में नकल पर जुर्माने ने पार किया ₹70 लाख का आँकड़ा, क्या जुर्माना ही आय का नया स्रोत?
Shubham Pandey JHBNEWS टीम,सूरत 2025-11-01 16:39:32

सूरत स्थित वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी (VNSGU) में नकल के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, और पिछले पाँच वर्षों में विश्वविद्यालय ने नकल करते पकड़े गए छात्रों से ₹70 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला है। सख्त नियम, CCTV कैमरे और फ्लाइंग स्क्वॉड जैसी व्यवस्थाओं के बावजूद गड़बड़ियाँ कम होने के बजाय बढ़ती रही हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या नकल रोकने के नाम पर वसूला जाने वाला जुर्माना विश्वविद्यालय के लिए आय का नया साधन बन गया है। यहाँ हर वर्ष लाखों विद्यार्थी परीक्षा देते हैं, लेकिन अनुशासन लाने के प्रयास और अधिक कड़े होते जा रहे हैं।

पिछले 6 वर्षों के जुर्माना आँकड़े: 

2019-20 ➝ ₹4.60 लाख 

2020-21 ➝ ₹2.38 लाख 

2021-22 ➝ ₹1.91 लाख 

2022-23 ➝ ₹7.06 लाख 

2023-24 ➝ ₹16.68 लाख 

2024-25 ➝ ₹15.82 लाख और केवल अप्रैल–सितंबर 2025 (5 महीने) में ही ₹22.10 लाख की वसूली हो चुकी है! कुल मिलाकर यह राशि ₹70.58 लाख से भी ज्यादा पहुँच चुकी है।

कुलपति किशोरसिंह चावड़ा ने कहा की विश्वविद्यालय का उद्देश्य कमाई करना नहीं, बल्कि छात्रों में शैक्षणिक ईमानदारी का विकास करना है, जबकि आँकड़े बताते हैं कि हर वर्ष जुर्माने में इज़ाफ़ा हो रहा है लेकिन नकल के मामलों में कोई कमी नहीं आई।

सबसे बड़ा सवाल यह है—

अगर जुर्माना बढ़ रहा है, पर नकल कम नहीं.....

तो अनुशासन बढ़ रहा है या फिर नकल का नेटवर्क और अधिक मजबूत होता जा रहा है?

नोट: यह सभी आकड़ा जय हिन्द भारतवर्ष पुस्टि नहीं करती है